
नितिन गडकरी के घर के बाहर प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता (फोटो- PTI)
E20 Fuel Protest: महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल (E20 पेट्रोल) पॉलिसी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन और हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के निजी आवास की ओर मार्च किया और उनके घर का घेराव करने की कोशिश की। हालात को बिगड़ता देख, मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए। पुलिस ने यूथ कांग्रेस के दर्जनों कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में ले लिया, जो आगे बढ़ने के लिए बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
विरोध मार्च चितनवीस पार्क स्क्वायर से शुरू हुआ और नितिन गडकरी के घर की ओर बढ़ा, जहां पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और थाने ले गई।
विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे यूथ कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ़ नारेबाजी की। यूथ कांग्रेस नेता मेहुल आडवाणी ने कहा, "देश की जनता पर E20 पेट्रोल जबरदस्ती थोपा जा रहा है। आम वाहन चालकों की गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं और माइलेज कम हो रहा है। हम इस नीति का कड़ा विरोध करते हैं और जनता के अधिकारों के लिए यह लड़ाई जारी रखेंगे।"
इधर, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। जयराम रमेश ने लिखा कि 29 जुलाई को संसद में नितिन गडकरी ने दावा किया था कि E20 पेट्रोल को सालों के वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद लागू किया गया है और इससे गाड़ियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।
जयराम रमेश ने सवाल उठाते हुए कहा, "गडकरी जी के संसद में दिए बयान ने जवाब देने के बजाय और भी कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। देश भर के मैकेनिक और उपभोक्ता महीनों से शिकायत कर रहे हैं कि E20 ईंधन से माइलेज घट रहा है, इंजन का परफॉर्मेंस गिर रहा है और 2023 से पहले की गाड़ियों के कलपुर्जे तेजी से खराब हो रहे हैं।"
जयराम रमेश ने दावा किया कि गडकरी ने खुद संसद में ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) की रिपोर्ट और नीति आयोग के 2021 के इथेनॉल रोडमैप का ज़िक्र किया था। इन दस्तावेज़ों में माना गया है कि E10-कम्पैटिबल गाड़ियों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से रबर के पार्ट्स, होज़, सील और गैसकेट तेज़ी से खराब होते हैं। ड्यूरेबिलिटी टेस्ट में पैसेंजर गाड़ियों में इंजन फेल होने के मामले सामने आए। फ्यूल टैंक और अंदरूनी मेटल पार्ट्स में जंग लगने का खतरा है। पुरानी चार-पहिया गाड़ियों में फ्यूल एफिशिएंसी 6-7% और दो-पहिया गाड़ियों में 3-4% तक कम हो जाती है।
Updated on:
03 Aug 2026 03:49 pm
Published on:
03 Aug 2026 03:38 pm
