प्रशांत किशोर ने कहा कि जिन्होंने उन्हें वोट दिया है, वे उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जबकि जिन्होंने समर्थन नहीं किया, उनका विश्वास जीतने के लिए वे आगे और अधिक मेहनत करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात बिहार का भविष्य और उसके युवाओं का भविष्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की राजनीति लंबे समय से जाति, धर्म और मुफ्त अनाज जैसे मुद्दों तक सीमित रही है, जबकि जनता अब शिक्षा, रोजगार और विकास चाहती है।