
स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस (Photo/ANI)
Chandra Kumar Bose Resignation: स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र और 'द ओपन प्लेटफॉर्म फॉर नेताजी' के संयोजक चंद्र कुमार बोस ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना औपचारिक इस्तीफा पत्र तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजा है। उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे अपने इस्तीफा पत्र में चंद्र कुमार बोस ने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले की घोषणा की। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया कि वे व्यक्तिगत कारणों से तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ रहे हैं। इस्तीफा पत्र में चंद्र कुमार बोस ने लिखा, "मैं व्यक्तिगत कारणों से तत्काल प्रभाव से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं भविष्य के सभी प्रयासों के लिए आपको और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को शुभकामनाएं देता हूं।"
तृणमूल कांग्रेस छोड़ने की आधिकारिक घोषणा करने से पहले चंद्र कुमार बोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में उन्होंने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था और नेताओं के काम करने के तरीके की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि राजनीतिक पार्टियां चापलूसों को पसंद करती हैं।
चंद्र कुमार बोस ने लिखा, "आपसे उम्मीद की जाती है कि आप पार्टी की लाइन पर चलें, भले ही आपको लगे कि नीतियां जनहित के लिए नुकसानदेह हैं। देश को आजाद हुए 79 साल हो चुके हैं, फिर भी हमारे नेता और राजनीतिक व्यवस्था उस समावेशी और मज़बूत भारत के निर्माण से बहुत दूर हैं जिसका सपना नेताजी ने देखा था।"
चंद्र कुमार बोस महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र (भतीजे के बेटे) और शरत चंद्र बोस के पोते हैं। अमिया नाथ बोस के बेटे चंद्र कुमार बोस एक सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता, राजनीतिक विश्लेषक और 'द ओपन प्लेटफॉर्म फॉर नेताजी' के संयोजक के तौर पर जाने जाते हैं।
लंदन में अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने टाटा स्टील में एक एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपना करियर शुरू किया। चंद्र कुमार बोस नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी गुप्त फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग करने वाले अभियान के प्रमुख नेताओं में से एक थे। वे 2016 में भाजपा में शामिल हुए और पश्चिम बंगाल BJP के उपाध्यक्ष के तौर पर काम किया। हालांकि, वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए उन्होंने सितंबर 2023 में BJP छोड़ दी। इसके बाद वे अप्रैल 2026 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए, जिसकी सदस्यता से उन्होंने अब इस्तीफा दे दिया है।
Updated on:
03 Aug 2026 05:28 pm
Published on:
03 Aug 2026 05:05 pm
