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पंजाब सरकार को हाईकोर्ट से लगा झटका, कर्मचारियों-पेंशनरों को 15 दिन में डीए-एरियर देने का आदेश

Punjab High Court: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने महंगाई भत्ते और लंबित एरियर के मामले में पंजाब सरकार की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने 15 दिनों में कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए जारी करने के साथ 2016 से लंबित एरियर का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
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Punjab High Court

वकील सनी सिंगला। फोटो- आईएएनएस

चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को पंजाब सरकार को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (डीए) और लंबित एरियर के मामले में सरकार की लेटर्स पेटेंट अपील (एलपीए) खारिज कर दी है। डिवीजन बेंच ने सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर केंद्रीय पैटर्न के अनुसार महंगाई भत्ता जारी किया जाए और 1 जनवरी 2016 से लंबित एरियर का भुगतान भी किया जाए। मामले से जुड़े वकील सनी सिंगला ने पूरे मामले की जानकारी दी।

डीए देना बंद कर दिया

वकील सनी सिंगला ने बताया कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2021 में छठे वेतन आयोग को स्वीकार करते हुए लागू किया था। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन- पेंशन का संशोधन किया गया था। संशोधित वेतन और पेंशन 1 जनवरी 2016 से प्रभावी मानी गई थी, इसलिए उसी तारीख से कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्रीय पैटर्न के अनुसार महंगाई भत्ता (डीए) भी मिलना चाहिए था। पंजाब सरकार ने 1 जनवरी 2016 से लेकर 1 जनवरी 2023 तक कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता दिया, लेकिन उसके बाद डीए देना बंद कर दिया। इसके विरोध में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मांग की कि उन्हें पहले की तरह केंद्रीय पैटर्न के अनुसार महंगाई भत्ता दिया जाए।

सरकार की अपील खारिज

सनी सिंगला ने बताया कि इस मामले में हाई कोर्ट की एकल पीठ (सिंगल बेंच) ने 8 अप्रेल 2026 को फैसला सुनाते हुए पंजाब सरकार को निर्देश दिया था कि 30 जून 2026 तक कर्मचारियों और पेंशनरों को बकाया डीए और 1 जनवरी 2016 से लंबित एरियर जारी किया जाए। हालांकि सरकार ने इस आदेश का पालन नहीं किया और इसके खिलाफ डिवीजन बेंच में एलपीए दायर कर दी। अब हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सरकार की अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर केंद्रीय पैटर्न के अनुसार महंगाई भत्ता जारी किया जाए। साथ ही 1 जनवरी 2016 से लंबित सभी एरियर का भुगतान भी इसी अवधि में किया जाए।

र्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा लाभ

वकील सनी सिंगला ने कहा कि इस फैसले का लाभ पंजाब सरकार के करीब 7 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा। वर्ष 2023 से लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान भी किया जाएगा, जबकि 1 जनवरी 2016 से लंबित एरियर भी जारी किए जाएंगे। यदि सरकार निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं करती है तो उसे बकाया राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।

खर्चों पर लगाई रोक

सनी सिंगला ने आगे बताया कि अदालत ने सरकार को आदेशों के पालन के लिए कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि जब तक कर्मचारियों और पेंशनरों का डीए और एरियर जारी नहीं किया जाता, तब तक सरकार के विज्ञापन खर्च और अन्य गैर-उत्पादक व्यय पर रोक रहेगी। विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और ऐसे अन्य खर्चों पर भी अदालत ने रोक लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि पहले कर्मचारियों और पेंशनरों के वैध बकाए का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।