सनी सिंगला ने आगे बताया कि अदालत ने सरकार को आदेशों के पालन के लिए कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि जब तक कर्मचारियों और पेंशनरों का डीए और एरियर जारी नहीं किया जाता, तब तक सरकार के विज्ञापन खर्च और अन्य गैर-उत्पादक व्यय पर रोक रहेगी। विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और ऐसे अन्य खर्चों पर भी अदालत ने रोक लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि पहले कर्मचारियों और पेंशनरों के वैध बकाए का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।