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सागरिका घोष- कीर्ति आजाद के बाद 20 बागी TMC सांसद भी ओम बिरला के घर पहुंचे, छुट्टी के दिन दिल्ली में नया सियासी बवाल

इससे पहले टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष भी लोकसभा स्पीकर से मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंचे थे।

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भारत

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Rahul Yadav

Jun 14, 2026

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास पर बैठक के दौरान मौजूद TMC के बागी सांसद। (फोटो - एएनआई)

TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी सियासी घमासान के बीच रविवार को दिल्ली में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। एक ओर पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की तरफ से सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास पहुंचे और AITC को एक ही राजनीतिक दल मानने की मांग वाला पत्र सौंपा। वहीं इसके कुछ ही देर बाद बागी खेमे की नेता काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय समेत करीब 20 बागी सांसद भी स्पीकर के आवास पहुंचे हैं।

छुट्टी के दिन दोनों खेमों की सक्रियता ने दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर को भेजा पत्र

पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में मांग की है कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) को एक ही राजनीतिक दल माना जाए, जिसका प्रतिनिधित्व सदन में केवल उसके अधिकृत नेता और व्हिप के जरिए हो।

पत्र में यह भी कहा गया है कि AITC के किसी भी कथित अलग गुट या धड़े को कोई मान्यता, दर्जा या सुविधा नहीं दी जानी चाहिए। इसी पत्र को लेकर TMC सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष रविवार को ओम बिरला के आवास पहुंचे थे।

कीर्ति आजाद ने क्या कहा?

लोकसभा अध्यक्ष घर पर नहीं थे, ऑफिस में पत्र सौंपने के बाद कीर्ति आजाद ने कहा कि मामला पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने भी इस संबंध में अपनी बात स्पष्ट की है और संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुच्छेद-4 में भी इसका उल्लेख है।

कीर्ति आजाद ने कहा कि किसी राजनीतिक दल में विभाजन मान्य नहीं है। उन्होंने महाराष्ट्र में हुए राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वह नियमों के अनुरूप नहीं था। उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे से जुड़ी एक याचिका भी स्पीकर को सौंपी गई है। साथ ही विश्वास जताया कि लोकसभा अध्यक्ष कानून और नियमों के अनुसार ही फैसला करेंगे।

सागरिका घोष ने अलग गुट के विरोध में रखा पक्ष

सागरिका घोष ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को दिए गए पत्र में साफ किया गया है कि तृणमूल कांग्रेस एक अविभाज्य राजनीतिक दल है और लोकसभा के भीतर उसका कोई अलग गुट नहीं बनाया जा सकता।

उन्होंने कहा कि जो लोग TMC को तोड़ने या संसद में अलग समूह बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उनका कदम संविधान की भावना और नियमों के खिलाफ है। सागरिका घोष ने यह भी कहा कि जिस पार्टी, नेतृत्व और चुनाव चिह्न के आधार पर कोई जनप्रतिनिधि चुनाव जीतकर संसद तक पहुंचता है उसका साथ छोड़ना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

इसके बाद स्पीकर के घर पहुंचा बागी खेमा

TMC नेतृत्व की ओर से पत्र सौंपे जाने के कुछ समय बाद ही बागी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी लोकसभा अध्यक्ष के आवास पहुंच गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय समेत कई सांसद शामिल थे।

बागी सांसदों के स्पीकर आवास पहुंचने से यह साफ हो गया कि पार्टी के दोनों खेमे अपने-अपने पक्ष को मजबूत करने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि बागी गुट भी अपने दावों और मांगों को स्पीकर के सामने रखने की तैयारी में है।

काकोली घोष ने क्या कहा?

लोकसभा अध्यक्ष के आवास पहुंचने के दौरान मीडिया ने जब काकोली घोष दस्तीदार से सवाल किया तो उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "आगे चलने के लिए, देश को आगे बढ़ाने के लिए आगे जा रहे हैं।"

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