3 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

BJP का गढ़ जीतने के बाद अब क्या करेंगे प्रशांत किशोर? जानिए अगला प्लान

Prashant Kishor Strategy: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के साथ जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है। इस जीत ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा भर दी है।
2 min read
Google source verification
Prashant Kishor Strategy

बांकीपुर फतह के बाद एक्शन मोड में प्रशांत किशोर, photo source@ Jan suraj X Account

Prashant Kishor Strategy: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के साथ जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है। करीब 35 वर्षों से बीजेपी का गढ़ मानी जाने वाली बांकीपुर सीट पर मिली यह जीत सिर्फ एक विधानसभा सीट की सफलता नहीं, बल्कि जन सुराज के लिए राज्य में राजनीतिक आधार मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इस जीत ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा भर दी है।

जीत के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर

बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा, "यह संभव नहीं है कि रातोंरात बांकीपुर को बेंगलुरु बना दिया जाएगा। यह भी संभव नहीं है कि विकास की गंगा बहने लगेगी। जुमलेबाजी की राजनीति से काम नहीं चलेगा। जनता की जायज मांगों और विकास के मुद्दों पर संवाद कर समाधान निकालना होगा।"

जन सुराज पार्टी को मिला नया संबल

इस जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशांत किशोर केवल एक विधायक की भूमिका तक सीमित रहेंगे या विधानसभा के मंच का उपयोग कर पूरे बिहार में अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत करेंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा में पहुंचने के बाद प्रशांत किशोर शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार और सुशासन जैसे मुद्दों पर सरकार को लगातार घेर सकते हैं। वे पहले भी कई बार कह चुके हैं कि राजनीति भावनाओं या नारों के बजाय तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर होनी चाहिए।

हाई-प्रोफाइल सीट पर नई रणनीति रही सफल

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव को सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि पूरे बिहार में राजनीतिक संदेश देने का अवसर माना। उन्होंने क्षेत्र की गली-गली में जाकर जनसंपर्क किया और घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से संवाद स्थापित किया। बारिश और खराब मौसम के बावजूद उन्होंने चुनाव प्रचार जारी रखा। मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहने के बावजूद उनके समर्थक मतदान केंद्रों तक पहुंचे और जन सुराज पार्टी को जीत दिलाने में सफल रहे।

सक्रिय भूमिका से पार्टी को मिल सकता है फायदा

यदि प्रशांत किशोर विधानसभा में प्रभावी विपक्षी भूमिका निभाने में सफल रहते हैं, तो आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जन सुराज पार्टी को इसका बड़ा राजनीतिक लाभ मिल सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी रणनीति पर न केवल जनता, बल्कि बीजेपी, जेडीयू और आरजेडी की भी पैनी नजर रहेगी।