
वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी (फोटो- sivanand tivary FB)
Why BJP Lost Bankipur bypoll: बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी के तीन दशक पुराने गढ़ को ढहाकर ऐतिहासिक जीत हासिल की है। BJP के इस गढ़ के गिरने और प्रशांत किशोर की शानदार चुनावी जीत के बाद वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। तिवारी ने बांकीपुर में BJP की हार के तीन मुख्य कारण बताए और गृह मंत्री अमित शाह के चुनावी मॉडल पर निशाना साधा।
शिवानंद तिवारी ने बांकीपुर में BJP की हार का मुख्य कारण पार्टी नेताओं में व्याप्त अहंकार और अति-आत्मविश्वास को बताया। बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसे भाजपा अपनी सुरक्षित सीट मानकर चल रही थी।
शिवानंद तिवारी ने फ़ेसबुक पर लिखा कि इस चुनाव को लेकर BJP नेताओं में अहंकार और अति-आत्मविश्वास की भावना साफ दिख रही थी। नतीजे घोषित होने से पहले ही लड्डू तैयार कर लिए गए थे। हमने प्रदेश अध्यक्ष के बयान भी सुने। हालांकि, BJP नेताओं ने इस बात को नजरअंदाज कर दिया कि जब देश का मूड किसी पार्टी के खिलाफ हो जाता है, तो उस भावना का असर उपचुनावों पर भी निश्चित रूप से पड़ता है।
हार के दूसरे बड़े कारण का जिक्र करते हुए वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर युवाओं में BJP सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी है। जंतर-मंतर से शुरू हुए छात्र आंदोलन की चिंगारी अब पूरे देश में फैल चुकी है और पटना में युवाओं पर पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज की कीमत BJP को चुकानी पड़ी।
उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं द्वारा जंतर-मंतर पर शुरू किया गया आंदोलन अब देश के विभिन्न हिस्सों में फैल गया है। पटना में छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए, युवाओं को बेरहमी से पीटा गया, जेल में डाला गया और उन पर विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए। इसका असर उपचुनाव पर पड़ा और पटना में बांकीपुर के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दतिया में भी BJP को करारी हार का सामना करना पड़ा।
शिवानंद तिवारी ने बताया कि भाजपा की हार की तीसरी और सबसे अहम वजह प्रशांत किशोर का बेहतरीन चुनावी मैनेजमेंट था, जिसने अमित शाह के लंबे समय से चले आ रहे संगठनात्मक ढांचे को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि एक समय जिसे अचूक माना जाता था, वह पन्ना प्रमुख मॉडल इस चुनाव में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ।
प्रशांत किशोर की तारीफ करते हुए शिवानंद तिवारी ने लिखा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से यह जीत अप्रत्याशित नहीं लगी। उन्होंने शुरू से ही कहा था कि बांकीपुर में प्रशांत किशोर के जीतने की प्रबल संभावना है। चुनावी मैनेजमेंट के मामले में प्रशांत किशोर दूसरों को सिखाते हैं, उन्हें कौन सिखा सकता है? उनकी चुनावी मैनेजमेंट रणनीति भारतीय जनता पार्टी की रणनीति से बेहतर साबित हुई। कभी कहा जाता था कि अमित शाह की चुनावी रणनीति और 'पन्ना प्रमुख' संगठनात्मक मॉडल अचूक हैं, फिर भी इस चुनाव में वे पूरी तरह नाकाम होते दिखे।
अपनी पोस्ट के आखिर में शिवानंद तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को गंभीरता से आत्म-मंथन करने की सलाह दी। उन्होंने लिखा कि केंद्र सरकार अब देश के युवाओं और छात्रों में दिख रही निडरता, साहस और ऊर्जा को नजरअंदाज नहीं कर सकती।
शिवानंद तिवारी ने यह उम्मीद भी जताई कि विधानसभा में प्रशांत किशोर के आने से बिहार में नए राजनीतिक समीकरण बनेंगे और शायद गठबंधनों का एक नया दौर शुरू होगा। प्रशांत किशोर राजनीति और चुनावी मैनेजमेंट दोनों के माहिर हैं और वे विधानसभा के भीतर सत्ताधारी पार्टी और सरकार को प्रभावी ढंग से जवाबदेह ठहराएंगे।
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Updated on:
3 Aug 2026, 8:42 PM IST
Published on:
3 Aug 2026, 8:35 PM IST
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