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‘छात्रों को अब नहीं झेलनी पड़ेगी कानूनी परेशानी’, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बोले CJP प्रवक्ता सौरव दास

Saurav Das on Student Protest FIR: सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणी के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि राज्य सरकारें छात्र प्रदर्शन से जुड़े FIR वापस लेने या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों को छोड़कर छात्रों के भविष्य पर कानूनी असर नहीं पड़ेगा।
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Saurav Das

CJP Spokesperson Saurav Das। (Photo ANI)

Saurav Das on Supreme Court Clarification: NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर जंतर-मंतर और देश भर में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज FIR के मामले में सुप्रीम कोर्ट की स्पष्टीकरण से लाखों युवाओं और छात्रों को बड़ी राहत मिली है। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने इन FIR को बंद करने और आपराधिक इतिहास पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की इस बात का स्वागत करते हुए इसे देश के युवाओं और छात्रों के लिए एक और ऐतिहासिक जीत बताया।

छात्रों को मिली राहत

सुनवाई के दौरान, जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने साफ किया कि कोर्ट के पिछले आदेश में इस्तेमाल किए गए क्रिमिनल हिस्ट्री शब्द का मतलब सिर्फ हत्या और रेप जैसे गंभीरअपराधों से है। इस स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि आज देश के छात्रों और युवाओं के लिए एक और बड़ी जीत है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि क्रिमिनल हिस्ट्री का मतलब सिर्फ हत्या और रेप जैसे जघन्य अपराध हैं। इससे आम छात्र, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और पिछले राजनीतिक आंदोलनों में शामिल युवा भविष्य में कानूनी परेशानी या मुकदमों का सामना नहीं करेंगे।

राज्य सरकारों को FIR वापस लेने की आजादी

सौरभ दास ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उस गलतफहमी को पूरी तरह से दूर कर दिया है कि राज्य सरकारें कोर्ट के पिछले आदेश के कारण केस वापस नहीं ले पा रही थीं। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने आज साफ किया कि दिल्ली सहित देश के सभी राज्यों को कानूनी प्रक्रियाओं, क्लोजर रिपोर्ट या कानून के तहत उपलब्ध किसी भी अन्य कानूनी रास्ते से छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेने या बंद करने का पूरा अधिकार है। सौरभ दास ने कहा कि वे लिखित आदेश का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, वे कोर्ट में जजों द्वारा की गई टिप्पणी का स्वागत करते हैं।

सरकार से वादा पूरा करने की मांग

सौरभ दास ने केंद्र सरकार और NDA शासित राज्य सरकारों को याद दिलाया कि जब आंदोलन खत्म किया गया था, तो सरकार ने छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि अब जब सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रिया से जुड़ी बाधाओं और पेचीदगियों को दूर कर दिया है, तो केंद्र और राज्य सरकारों को बिना किसी देरी के अपने वादे पूरे करने चाहिए और प्रदर्शनकारी छात्रों को दी गई राहत देना चाहिए।