
Ahmedabad Firecracker factory blast: गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को रामोल-गात्रद रोड पर स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। फैक्ट्री में मौजूद सामान की वजह से आग तेज़ी से फैल गई और पूरी फैक्ट्री में कई जबरदस्त धमाके हुए। इस हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से ज़्यादा लोग बुरी तरह झुलस गए। धमाके की वजह से आस-पास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा गया, "गुजरात के अहमदाबाद में पटाखा फैक्ट्री हादसे में हुई मौतों से बहुत दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव मदद और राहत पहुंचा रहा है।"
इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया। मारे गए हर व्यक्ति के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
इस हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। संयुक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह ने मीडिया को बताया कि महमूदपुरा इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) कैंप के पीछे स्थित टैलेंट फायरवर्क्स फैक्ट्री का लाइसेंस प्रशासन पहले ही रद्द कर चुका था। इसके बावजूद, फैक्ट्री चलाने वाले मेहुल डोडिया नियमों को ताक पर रखकर और अधिकारियों को धोखा देकर अवैध तरीके से फैक्ट्री चला रहे थे। पुलिस ने अवैध संचालन और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत आपराधिक मामला (FIR) दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।
हादसे में घायल सभी लोगों को तुरंत एम्बुलेंस से शहर के अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, पांच घायलों का इलाज LG अस्पताल में और चार का सिविल अस्पताल में चल रहा है, जबकि मामूली रूप से झुलसे अन्य लोगों को पास के स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती कुछ पीड़ितों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।