
AIMPLB Spokesperson Syed Qasim Rasool Ilyas: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर सवाल उठाए है। सैयद कासिम ने कहा कि UCC किसी भी सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं है। यह डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स (राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों) के तहत एक सिफारिश है।
उन्होंने कहा कि यूसीसी की सिफारिश केंद्र सरकार को की गई थी, न कि राज्य सरकारों को। यूसीसी के नाम पर जो लागू किया जा रहा है, वह यूसीसी है ही नहीं, क्योंकि आदिवासियों और अन्य समुदायों को इससे बाहर रखा गया है।
AIMPLB के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि हमारी मुख्य बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने 1986 में फैसला सुनाया था कि अगर 'जन गण मन' गाने से किसी खास धर्म के लोगों की आस्था को ठेस पहुंचती है, तो वे खड़े होकर चुप रह सकते हैं। वह फैसला 'जन गण मन' के बारे में था। हमें 'जन गण मन' से कोई आपत्ति नहीं है।
केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा, 'हमारा मानना है कि पिछले 10 सालों से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। विशेष समुदाय की जान-माल, सम्मान, मस्जिदों, मदरसों और बस्तियों को खत्म किया जा रहा है। बीते कुछ सालों में उन पर 'वंदे मातरम' थोपने और 'यूनिफॉर्म सिविल कोड' (UCC) लागू करने की कोशिशें हो रही हैं।'
उन्होंने आगे कहा कि इन सभी मद्दों पर हनमे एक देशव्यापी अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसका मकसद देश के शुभचिंतकों - यानी जो लोग न्याय और शांति चाहते हैं - तक पहुंचना और उनसे आगे आकर आवाज उठाने और चुप न रहने की अपील करना है। यही हमारे अभियान का उद्देश्य है।
यूसीसी पर राजस्थान के मंत्री जवाहर सिंह ने कहा कि राजस्थान सरकार ने यूसीसी को लागू करने के लिए एक समिति का गठन किया है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए कानूनों का एक समान सेट प्रदान करना और धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों से उत्पन्न होने वाली विसंगतियों को दूर करना है।