राष्ट्रीय

‘नशा है कि उतरता नहीं, राजनीति का चस्का है कि जाता नहीं’, प्रशांत किशोर के बांकीपुर उपचुनाव लड़ने पर BJP का तंज

Bankipur By Election: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ने के ऐलान पर बीजेपी प्रवक्ता अजय आलोक ने तंज कसते हुए कहा कि राजनीति का चस्का ऐसा है कि जाता ही नहीं।
2 min read
Jul 07, 2026
prashant kishor
प्रशांत किशोर

Bankipur By Election: पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर बिहार में सियासी पारा चढ़ गया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) के बांकीपुर सीट से खुद चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन पर हमला बोला है। बांकीपुर से चुनाव लड़ने के किशोर के फैसले पर तंज कसते हुए BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने कहा- पीके आए थे बिहार में , पीके फिर आए हैं बांकीपुर में। नशा है कि उतरता नहीं, राजनीति का चस्का है कि जाता नहीं।

भाजपा का मजबूत गढ़

यह सीट बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती है, जहां से हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्यसभा चले गए। अब 30 जुलाई को बांकीपुर सीट पर उपचुनाव है।

फिलहाल, भाजपा ने अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, वहीं, राजद ने रेखा गुप्ता को इस सीट पर अपना उम्मीदवार बनाने जा रही है। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें थीं कि कांग्रेस पीके का सपोर्ट कर सकती है।

पीके का प्लान- बीजेपी को उसके घर में हराना

प्रशांत किशोर ने इसे सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार सरकार पर जनमत संग्रह बताया है। उन्होंने कहा कि अगर जन सुराज जीत गई तो यह सम्राट चौधरी वाली भाजपा-एनडीए सरकार के लिए बड़ा संदेश होगा।

पीके का दावा है कि बांकीपुर की जनता न बीजेपी को चाहती है और न ही पुराने विकल्पों को। वे मुद्दों और विकास पर वोट मांग रहे हैं, न कि जाति-धर्म के नाम पर।

पिछले चुनाव में खराब था पीके प्रदर्शन

पिछले विधानसभा चुनाव में जन सुराज का प्रदर्शन खराब रहा था, ज्यादातर सीटों पर जमानत जब्त हुई। लेकिन पीके का मानना कि बांकीपुर में वे बीजेपी को उसके गढ़ में घुसकर हराने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे। उन्होंने विपक्षी दलों से भी अप्रत्यक्ष समर्थन की बात कही, हालांकि राजद और कांग्रेस में इस पर मतभेद साफ दिख रहे हैं।

महागठबंधन में फूट क्यों?

राजद ने अपनी उम्मीदवार घोषित कर दी है, जबकि कांग्रेस भी अलग रुख अपनाए हुए है। कुछ कांग्रेस नेता पाइक को समर्थन देने की बात कर रहे हैं, लेकिन पार्टी में एक हिस्सा इसे 'बैसाखी' मानकर अपना उम्मीदवार उतारने पर अड़ा है। यह फूट भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

Updated on:
07 Jul 2026 05:55 pm
Published on:
07 Jul 2026 05:32 pm