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Amarnath Yatra : दूसरे दिन और बढ़ाई गई अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा, एंटी ड्रोन की तैनाती के साथ किए गए खास इंतजाम

Amarnath Yatra : अमरनाथ यात्रा के दूसरे दिन सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया है। सुरक्षा के लिए सेना ने तीन लेयर की व्यवस्था की है। साथ ही जवानों को नाइट विजन डिवाइस दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए तीन लेयर वाली सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
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Updated: 2 Jul 2023, 3:53 PM IST
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Amarnath Yatra : अमरनाथ धाम की यात्रा एक जुलाई से शुरू हो चुकी है। शनिवार को पहले ही दिन 7,900 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के दर्शन किए। आज रविवार को यात्रा का दूसरा दिन है। इस बीच सेना की ओर से अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए तीन लेयर वाली सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। वहीं सेना के जवान अत्याधुनिक टेक्नोलाॅजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

जवानों को दिए गए नाइट विजन डिवाइस

भारतीय सेना के ब्रिगेडियर अमनदीप महली के मुताबिक, अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्रोन कैमरों की मदद से पूरे रूट पर नजर रखी जा रही है। जवानों को नाइट विजन डिवाइस दिए गए हैं। इसके साथ ही एंटी ड्रोन टीमों और बम स्क्वाड को भी तैनात किया गया है। बेस कैंप से लेकर बाबा बर्फानी की गुफा तक मंदिर के पूरे रूट पर भारतीय सैनिकों और जम्मू कश्मीर पुलिस के अलावा सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है।


एंटी ड्रोन का इस्तेमाल किया गया

अमनदीप महली ने आगे बताया कि यात्रा के दौरान सारे रूट की 24 घंटे की निगरानी की जा रही है। इसके लिए नाइट विजन डिवाइस और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अवांक्षित ड्रोन से पैदा होने वाले खतरे से निपटने के लिए एंटी ड्रोन का इस्तेमाल भी किया जा रहा हैं। इस दौरान इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

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आपदा राहत की तैयारी पर विशेष ध्यान

बता दें कि पिछले साल अमरनाथ यात्रा के दौरान बादल फटने की घटना के चलते कई श्रद्धालुओं ने अपनी जान गंवा दी थी। ऐसे में पिछली घटनाओं से सीख लेते हुए इस साल आपदा राहत पर भी फोकस किया गया है ब्रिगेडियर महली ने कहा कि पिछले साल बादल फटने की घटना से सबक लेते हुए इस साल आपदा राहत की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया गया है। पूरे मार्ग पर हेलीपैड बनाए गए हैं और आपात स्थिति पैदा होने पर डॉक्टरों की तैनाती की तैयारी की गई है।

आईटीबीपी के जवान भी तैनात

गौरतलब है कि इस बार सावन दो महीने तक चलने वाले हैं। ऐसे में अमरनाथ यात्रा दो महीने यानी 62 दिनों तक चलेगी। 1 जुलाई से यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। यात्रा का समापन 31 अगस्त तक होगा। इसलिए इस बार रिकाॅर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। जाहिर है कि अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमला होने का खतरा बना रहता है। जिसे गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पहली बार आईटीबीपी के जवानों को भी तैनात किया गया है।

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2 Jul 2023, 3:53 PM IST
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