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दोनों पक्षों को सुनकर ही ओम बिरला लेंगे टीएमसी के बागी सांसदों के मामले में फैसला

TMC Crisis: टीएमसी के बागी सांसदों के मामले में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर ही फैसला लेंगे।

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भारत

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Tanay Mishra

Jun 16, 2026

Om Birla

ओम बिरला (File Photo)

तृणमूल कांग्रेस - टीएमसी (Trinamool Congress - TMC) की अंदरूनी कलह की वजह से पार्टी के टूटने की नौबत आ गई है। कई विधायकों और सांसदों की बगावत के कारण पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुछ दिन पहले ही टीएमसी के 20 लोकसभा सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) को पत्र लिखकर उनके साथ मीटिंग की अनुमति मांगी थी। मीटिंग में टीएमसी के बागी लोकसभा सांसद मौजूद रहे, जिन्होंने बिरला से एक अलग समूह के तौर पर मान्यता मांगी और संसद में अलग बैठने की व्यवस्था के साथ ही नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की भी अनुमति मांगी। इस मामले में कोई भी फैसला लेने से पहले बिरला दोनों पक्षों की दलीलों को सुनेंगे।

सांसदों को भेजा ईमेल

बिरला के ऑफिस की तरफ से दोनों पक्षों के सांसदों को ईमेल भेजा गया है। टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के नेतृत्व वाले टीएमसी सांसदों को भी लोकसभा स्पीकर के साथ मीटिंग के लिए बुलाया गया है। इसके बाद ही बिरला बागी सांसदों के मामले में कोई भी फैसला लेंगे।

क्या है नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया?

नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया एक छोटी और ऐसी पार्टी है जिसके बारे में बहुत ही कम ही लोग जानते हैं। हालांकि यह पार्टी पश्चिम बंगाल में रजिस्टर्ड है। जनवरी 2023 में इसका रजिस्ट्रेशन हुआ था। इस पार्टी का मुख्यालय हावड़ा जिले के संकरील में स्थित है। उत्तिया कुंडू (Uttiya Kundu) पार्टी के अध्यक्ष हैं और उनकी पत्नी शेवली कुंडू (Shewly Kundu) पार्टी की कोषाध्यक्ष हैं। शेवली कलकत्ता हाईकोर्ट में वकील भी हैं। पार्टी का चुनावी चिन्ह चिह्न 'पेन निब विद सेवन रेज़' (सात किरणों वाला पेन निब) है। नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया ने 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव (Tripura Assembly Election) में 7 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन 4 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द हो गया था और अन्य 3 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। चुनाव आयोग के आंकड़े के अनुसार पार्टी को सिर्फ 1.13 लाख का ही चंदा मिला था। जिस पार्टी को कुछ समय पहले तक बहुत ही कम लोग जानते थे, अब टीएमसी के बागी सांसदों द्वारा इसमें विलय की खबरों से वो पार्टी चर्चा में आ गई है।