कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि उन्हें इस साल 'प्रमोशन' मिलने की उम्मीद है। यह बयान सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सीएम पद की खींचतान के बीच आया है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सीएम पद को लेकर खींचतान जारी है। इस बीच, राज्य के गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ दलित नेता जी परमेश्वर के दावे से पार्टी के भीतर बवाल बढ़ गया है।
उन्होंने गुरुवार को कहा कि उन्हें इस साल 'प्रमोशन' मिलने की उम्मीद है। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सिद्धारमैया खेमे द्वारा नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में परमेश्वर को संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में पेश किया गया है।
जब उनसे उनके राजनीतिक करियर में संभावित प्रमोशन के बारे में पूछा गया, तो परमेश्वर ने पत्रकारों से कहा कि अगर हाईकमान ऐसा फैसला करता है तो यह 2026 में हो सकता है। उन्होंने कहा- मैं इन सभी दिनों में आशावादी रहा हूं और यह कोई नई बात नहीं है।
गृह मंत्री ने आगे कहा कि क्या आपके (मीडिया) जीवन में कोई महत्वाकांक्षा नहीं है? इंसान में महत्वाकांक्षा होनी चाहिए; नहीं तो हम इंसान नहीं होंगे। मेरी भी दूसरों की तरह महत्वाकांक्षाएं हैं। जब मैं राजनीति में आया, तो मैं विधायक बनना चाहता था, फिर मंत्री। हर स्तर पर, मैं अगले स्तर पर जाना चाहता था। यह सब हाईकमान के विवेक पर निर्भर है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी के भीतर की स्थिति उनके लिए अनुकूल है, तो परमेश्वर ने कहा- आप (मीडिया) इस संबंध में अवलोकन कर रहे हैं। हर दिन आप कैमरे के लेंस से देखते और विश्लेषण करते हैं कि स्थिति अनुकूल है या नहीं।
इसके अलावा, कलबुर्गी जेल में कैदियों को कथित तौर पर विशेष सुविधाएं मिलने वाले एक वीडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- मैंने जेल के नए महानिदेशक आलोक कुमार से जेल का दौरा करने के लिए कहा है। वह शुक्रवार को कलबुर्गी जेल जाएंगे। वह व्यक्तिगत रूप से बेलगावी और कलबुर्गी की जेलों का भी दौरा करेंगे।
वहीं, हाल ही में चोरी के मामलों में वृद्धि पर परमेश्वर ने कहा- हमने हाल के दिनों में चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखी है। संदेह है कि चोरी में शामिल संगठित गिरोह बाहर से राज्य में घुस गए होंगे। हम इस पर नजर रख रहे हैं और अगर ऐसे गिरोह पाए जाते हैं तो कार्रवाई करेंगे।
इसके अलावा, IPS अधिकारियों के प्रमोशन के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा- हमारे डिपार्टमेंट में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर IGPs और DIGs को प्रमोशन दिया गया है। हमने लगभग 30 IPS अधिकारियों को प्रमोट किया है और उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी हैं। वे अच्छी तरह से ट्रेंड अधिकारी हैं और हमें उम्मीद है कि वे राज्य को अच्छी सेवा देंगे।
सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्य विवाद मुख्यमंत्री पद को लेकर है। दोनों नेता इस पद के लिए दावेदार हैं और कांग्रेस हाईकमान के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
सिद्धारमैया ने कहा है कि वे अपने पद पर बने रहेंगे, जबकि डीके शिवकुमार ने कहा है कि वे हाईकमान के फैसले का सम्मान करेंगे।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सिद्धारमैया ने ढाई साल का कार्यकाल पूरा किया और डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद जताई। दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच भी तनाव की स्थिति है।