ईरान संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच 40 मिनट की अहम बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंध, मध्य पूर्व की स्थिति और शांति प्रयासों पर चर्चा की। जल्द ही अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे पर आ सकते हैं।
Donald Trump Talk With PM Modi: ईरान को लेकर दुनिया भर में बढ़ते तनाव के बीच भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक बातचीत तेज होती दिख रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से फोन पर लंबी बातचीत की। करीब 40 मिनट चली इस चर्चा को मौजूदा हालात के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। इस बातचीत में सिर्फ मध्य पूर्व की स्थिति ही नहीं, बल्कि भारत और अमेरिका के रिश्तों को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने X पर पोस्ट कर ट्रंप के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'मेरे दोस्त, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने कई क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और ज्यादा सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।'
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस बातचीत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की, जिनमें ईरान से जुड़ी स्थिति और शांति प्रक्रिया में भारत की संभावित भूमिका भी शामिल है। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में कुछ बड़े ऐलान हो सकते हैं, हालांकि फिलहाल उनके बारे में विस्तार से बताना जल्दबाजी होगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले महीने भारत दौरे पर आ सकते हैं। इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले 24 मार्च को भी मोदी और ट्रंप के बीच बातचीत हुई थी। उस समय भी चर्चा का मुख्य विषय पश्चिम एशिया की स्थिति और बढ़ता तनाव था। प्रधानमंत्री मोदी ने तब साफ कहा था कि भारत हमेशा शांति और स्थिरता का समर्थन करता है। मौजूदा हालात में भारत की भूमिका सिर्फ एक दर्शक की नहीं, बल्कि एक संतुलित और जिम्मेदार साझेदार की तरह उभरती दिख रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।