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Save Democracy: हरियाणा में अमित शाह की राहुल गांधी को खुली चुनौती, बोले- चौराहा तय करो, चर्चा के लिए युवा मोर्चा तैयार

Amit Shah Rahul Gandhi: संसद की कार्यवाही से लेकर सड़क पर होने वाले विरोध तक, अमित शाह ने राहुल गांधी के राजनीतिक तौर-तरीकों पर सवाल खड़े किए। हरियाणा में गृह मंत्री ने खुली बहस का प्रस्ताव रखकर कांग्रेस को सीधे चुनौती दी।
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Updated: 5 Nov 2026, 2:40 PM IST
Amit Shah Rahul Gandhi,
Amit Shah Rahul Gandhi :अमित शाह बोले- संसद में चर्चा छोड़ सड़क पर अराजकता फैला रही कांग्रेस (फोटो सोर्स: ANI)

Amit Shah Karnal Rally: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरियाणा में राजनीतिक गतिविधियों के दौरान कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए संसद की कार्यवाही और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए। शाह ने कहा कि देश की समस्याओं पर चर्चा के लिए संसद सबसे उपयुक्त मंच है। उन्होंने राहुल गांधी को सार्वजनिक बहस की चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें सड़क पर संवाद करना है तो हरियाणा में कोई भी चौराहा चुन सकते हैं, जहां भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष उनसे चर्चा करने पहुंचेंगे।

संसद में हंगामा या जनता के मुद्दे? शाह ने कांग्रेस को घेरा

अमित शाह ने संसद में अपने अंदाज में कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा-देखिए, जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चुना है। शाह के मुताबिक, लोकतंत्र में जनादेश सबसे अहम है. राजनीतिक दलों को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि सिर्फ हंगामा करना। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि कांग्रेस संसद की कार्यवाही में अड़चन डाल रही है, और जरूरी बहस के बजाय शोर-शराबे में उलझी है।

गृह मंत्री ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की शैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था-पहले संसद में बखेड़ा बनाते हैं, फिर सड़क पर भीड़ जुटाकर अराजकता फैलाते हैं। शाह ने राहुल गांधी के व्यवहार की तुलना उस हालत से की, जब इंसान रास्ता न मिलने पर गुस्से में गलत दिशा में भटक जाता है। उन्होंने कहा, सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और जिम्मेदारी निभाना जरूरी है।

चौराहे पर बहस की चुनौती, भाजपा ने दिखाई तैयारी

राहुल गांधी को शाह ने सीधी चुनौती दी अगर संसद में चर्चा पसंद नहीं, तो हरियाणा में जहां चाहो, वहीं आकर बहस कर लो. भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष वहां मिलेंगे, आमने-सामने बातचीत करेंगे।

शाह ने जनता से भी सवाल पूछा-आपको क्या लगता है, देश की समस्याओं, विकास और आम लोगों के मुद्दों पर चर्चा संसद में होनी चाहिए या सड़क पर? उनका बयान कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर सियासी पलटवार के रूप में देखा जा रहा है।

SIR पर सरकार की तैयारियां

अमित शाह ने सरकार की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा-सरकार इस मसले पर विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। SIR चुनावी प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है, जिसमें मतदाता सूची की जांच, सुधार, पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना, और गलत या दोहराए गए नाम पहचानना शामिल है। विपक्ष इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, जबकि शाह ने सरकार की चर्चा के लिए तत्परता दिखाई।

घुसपैठियों के मुद्दे पर भी अमित शाह ने राहुल गांधी को घेरा उनका आरोप था कि कांग्रेस घुसपैठियों के साथ दिखती है।

संसद में राजनीति का तनाव

शाह के बयान ने संसद की भूमिका, विपक्ष के विरोध और राजनीति में संवाद की शैली को फिर से बहस के केंद्र में ला दिया है. लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों को जिम्मेदारी निभानी होती है. संसद में बहस, सवाल-जवाब और कानून बनाने की प्रक्रिया से जनता से जुड़े फैसले लिए जाते हैं.

अब निगाहें कांग्रेस की ओर हैं क्या राहुल गांधी हरियाणा में खुली बहस की चुनौती स्वीकार करते हैं, या फिर संसद में मुद्दे उठाने पर जोर देते हैं? आगे की राजनीति इसी पर टिकी रहेगी.

Updated on:
5 Nov 2026, 2:40 PM IST
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