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लोकसभा में अमित शाह का संबोधन, महिला आरक्षण बिल पर दिया जवाब, बोले- हमारा मकसद…

Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल पर जवाब देते हुए कहा कि सभी सदस्यों ने साथ दिया, इसके लिए धन्यवाद! हमारा मकसद…

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Apr 17, 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फोटो सोर्स: ANI)

Amit Shah Women's Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार का रुख साफ करते हुए सभी सदस्यों का समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य 2029 तक महिला आरक्षण को पूरी तरह लागू करना है, ताकि महिलाओं को राजनीति में ज्यादा अवसर मिल सकें।

बता दें महिलाओं के आरक्षण और डिलिमिटेशन को आसान बनाने के मकसद से संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 को गुरुवार को लोकसभा में वोटों के बंटवारे के बाद मंजूरी दे दी गई। इसके बाद शुक्रवार को पीएम मोदी से लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिल पर चर्चा की।

महिला आरक्षण बिल पर क्या बोले PM मोदी

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी विपक्षी दलों से महिला आरक्षण बिल का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ देश की महिलाओं को उनका हक देने के लिए बहुत जरूरी है।

सरकार ने संविधान (131वां संशोधन) बिल 2026 को लोकसभा में पेश किया, जिसका मकसद महिलाओं को आरक्षण देना और डिलिमिटेशन की प्रक्रिया को आसान बनाना है। इस बिल पर लंबे समय तक चर्चा हुई और देर रात तक बहस चली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस बिल को लेकर फैली सभी गलतफहमियों को दूर कर दिया है और हर सवाल का जवाब दिया गया है। उनके मुताबिक, अब किसी भी तरह की चिंता या विरोध की वजह नहीं बची है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से महिला आरक्षण के मुद्दे पर सिर्फ राजनीति होती रही है, लेकिन अब समय आ गया है कि महिलाओं को फैसला लेने की प्रक्रिया में बराबरी का मौका मिले।

पीएम मोदी ने सभी सांसदों से अपील की कि वे अपनी अंतरात्मा की सुनें और महिलाओं के हक में वोट करें। उन्होंने कहा कि देश की करोड़ों महिलाएं इस फैसले को उम्मीद से देख रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक मौका है, जिससे देश की नारी शक्ति और लोकतंत्र दोनों मजबूत होंगे।

बिल पर क्या बोले राहुल गांधी?

महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है। इसका महिलाओं से कोई संबंध नहीं। यह बिल OBC विरोधी है, यह बिल SC-ST विरोधी है, यह बिल Anti National है- दक्षिण, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के खिलाफ है। हम भारत जोड़ने वाले न किसी का हक छिनने देंगे, न देश को बंटने देंगे।

Updated on:
17 Apr 2026 06:26 pm
Published on:
17 Apr 2026 06:21 pm
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