Social Media Post Controversy: आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कथित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर वाईएसआरसीपी नेता पुडी श्रीहरि को गिरफ्तार कर लिया गया है।
YSRCP Leader Arrested: आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कथित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के महासचिव (मीडिया विंग) पुडी श्रीहरि की गिरफ्तारी ने सियासी हलचल तेज कर दी है। यह मामला अब राजनीतिक टकराव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस का केंद्र बन गया है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रह चुके पुडी श्रीहरि को बुधवार सुबह विजयवाड़ा स्थित उनके आवास से पुलिस ने गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनका मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त कर लिया।
मामला चित्तूर जिले से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां श्रीहरि के खिलाफ मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को एक कार्टून में चाकू के साथ दिखाए जाने वाली पोस्ट को लेकर केस दर्ज किया गया था। इसी पोस्ट को आपत्तिजनक मानते हुए पुलिस ने कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के बाद वाईएसआरसीपी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और अवैध करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू ने आरोप लगाया कि पुलिस ने श्रीहरि को चित्तूर 2 टाउन सर्कल इंस्पेक्टर के माध्यम से जबरन कुप्पम पुलिस स्टेशन ले जाया।
वहीं, वाईएसआरसीपी के कानूनी प्रकोष्ठ ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए रेड बुक संविधान का उल्लेख किया। यह शब्द टीडीपी नेता नारा लोकेश के उस दावे से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने 2024 चुनाव अभियान के दौरान एक लाल रंग की किताब का उल्लेख किया था, जिसमें कथित रूप से वाईएसआरसीपी शासन के दौरान हुए मामलों की सूची होने की बात कही गई थी।
पार्टी की लीगल टीम ने संकेत दिया है कि वह संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है और इस मामले में उच्च न्यायालय का रुख करने की बात भी कही गई है।
तिरुपति सांसद डॉ. एम. गुरुमूर्ति ने भी श्रीहरि की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके मोबाइल और लैपटॉप को अवैध रूप से जब्त किया, जो कानून का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि राज्य में रेड बुक संविधान के नाम पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
इस पूरे घटनाक्रम ने आंध्र प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। YSRCP ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है, जबकि सत्ताधारी पक्ष की ओर से अब तक इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।