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‘एज टोकन’ सिस्टम से बच्चों की सोशल मीडिया पर पहुंच होगी सीमित, आंध्र प्रदेश सरकार बना रही है योजना

बच्चों की सोशल मीडिया पर पहुंच को सीमित करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार एक अहम कदम उठाने की तैयारी में है। क्या है यह कदम? आइए नज़र डालते हैं।
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अमरावती 

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Tanay Mishra

•

Updated: 17 Apr 2026, 6:36 AM IST

Kids using smartphones

Kids using smartphones (Representational Photo)

सोशल मीडिया (Social Media) का इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स में हर उम्र वर्ग के लोग हैं। सोशल मीडिया के फायदे हैं, तो इसके नुकसान भी कम नहीं हैं। बच्चों पर तो इसका काफी गलत असर पड़ता है। ऐसे में आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh Government) बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच को सीमित करने के लिए एक अहम कदम उठाने की तैयारी में है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की उम्र की पुष्टि करने के लिए सरकार की डिजिलॉकर से जुड़े 'एज टोकन' (Age Token) जारी करने की योजना है।

कैसे होगा 'एज टोकन' का इस्तेमाल?

राज्य सरकार 13 से 16 साल की उम्र के बच्चों पर 'एज टोकन' के इस्तेमाल से उनकी सोशल मीडिया पर पहुंच को सीमित रखने की योजना बना रही है। वहीं 13 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी योजना है।

उम्र का कराना होगा वैरीफिकेशन

आंध्र प्रदेश सरकार फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) जैसी प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों के साथ मीटिंग कर चुकी है। इस योजना के तहत सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से पहले बच्चों की उम्र के सत्यापन को लेकर सिस्टम विकसित करने पर भी चर्चा हुई थी। अब डिजिलॉकर के जरिए ‘एज टोकन’ का इस्तेमाल कर यूज़र की उम्र की पुष्टि की जा सकेगी। इसके लिए राज्य सरकार का मंत्री समूह ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क और कई अन्य देशों के मॉडलों की स्टडी कर रहा है, जहाँ 16 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया से संबंधित प्रतिबंध संबंधी कानून लागू हैं।

डिजिटल सुरक्षा मॉड्यूल अनिवार्य

राज्य सरकार की ओर से बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के उपाय करने के साथ इंटरनेट का सुरक्षित तरीके से प्रयोग करने के लिए मज़बूत तकनीकी ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसमें राज्य की शिक्षा प्रणाली में डिजिटल सुरक्षा मॉड्यूल को शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा अब महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन दुर्व्यवहार करने पर भी भारी जुर्माने और जेल की सज़ा के प्रावधान नए कानूनी मसौदे में शामिल करने की तैयारी है।