Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार और इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्णदास की गिरफ्तारी को लेकर भारत में गुस्सा फूट पड़ा है।
Bangladesh Hindu Attacked: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार और इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्णदास की गिरफ्तारी को लेकर भारत में गुस्सा फूट पड़ा है। पश्चिम बंगाल में गुस्साए लोगों ने सीमा पर पहुंचकर सामान लेकर बांग्लादेश जा रहे ट्रकों को रोक दिया। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में करीब 50 लोग बांग्लादेश सहायक उच्चायोग परिसर में घुस गए और तोडफ़ोड़ की। केंद्र सरकार ने देशभर में बांग्लादेश के मिशनों की सुरक्षा बढ़ा ही है।
चिन्मय दास की गिरफ्तारी के खिलाफ पश्चिम बंगाल में सोमवार को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और भिक्षुओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इन लोगों ने बांग्लादेश की सीमा पर पेट्रोपोल पहुंचकर माल ले जा रहे तमाम ट्रकों को 24 घंटे के लिए रोक दिया। इससे पूरे दिन बांग्लादेश के साथ कारोबार प्रभावित रहा। गुस्साए लोग चिन्मय दास की बिना शर्त रिहाई की मांग कर रहे थे। शुभेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि इस्कॉन के संत कृष्ण दास को रिहा नहीं किया गया तो जल्द पांच दिन के लिए पेट्रापोल में आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी। अगले साल की शुरुआत में बड़े पैमाने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेश की घटनाओं पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया में कहीं भी धार्मिक आधार पर अत्याचारों की निंदा करते हैं। उन्होंने इस मामले में सरकार की ओर से संसद में बयान देने और जरूरी होने पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ बातचीत कर सामान्य हालात की बहाली में मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति बल भेजने की मांग की।
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने चटगांव के 70 अल्पसंख्यक वकीलों और दो पत्रकारों के खिलाफ 'झूठा और परेशान करने वाला केस’ दर्ज कराए जाने का दावा किया है। इस्कॉन, कोलकाता ने दो हिंदू भिक्षुओं, एक अन्य की गिरफ्तारी व इस्कॉन सेंटर पर हमले का दावा किया। बताया जाता है कि पत्रकारों और वकीलों पर देशी बम विस्फोट और वाहनों में तोडफ़ोड़ का आरोप लगाया है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस.जयशंकर को पत्र लिखकर हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ेे तो उन्हें बचाने की योजना बनाई जाए। उन्होंने इस मामले में बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस से चर्चा करने का आग्रह किया।