असम में विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। चुनावी माहौल के बीच असम में पुलिस कैंप पर हमला हुआ है।
Attack on Police Commando Camp: असम विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को रिजल्ट आएगा। असम में चुनावी माहौल के बीच पुलिस कैंप पर बड़ा हमला हुआ है। इस हमले में पुलिस के 4 जवान घायल हुए हैं। यह हमला असम के तिनसुकिया जिले में जगुन स्थित पुलिस कमांडो कैंप पर किया गया है। हमलावरों ने पुलिस कमांडो कैंप पर कई ग्रेनेड फेंके हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कैंप पर लगातार कई बार धमाके हुए। संदेह है कि यह धमाके मोर्टार से हो रहे थे। कैंप पर 5 बार ग्रेनेड दागे गए।
पुलिस कमांडो कैंप पर हुए हमले की जिम्मेदारी उग्रवादी संगठन उल्फ (I) ने ली है। उल्फ (I) ने मीडिया को पत्र भेजकर हमले की जिम्मेदारी ली है। प्रतिबंधित संगठन उल्फ (I) ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे 'ऑपरेशन बुजोनी' नाम दिया है।उग्रवादियों ने जगुन इलाके में स्थित पुलिस कमांडो कैंप पर हमला किया है। यह इलाका लेखापानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह क्षेत्र असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के निकट संवेदनशील इलाका है। अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 5 गोले शिविर पर दागे गए, जिनमें से 4 शिविर के अंदर फटे। धमाकों के बाद फायरिंग हुई। घायल हुए सभी कमांडो का कैंप में ही इलाज चल रहा है।
पुलिस कमांडो कैंप पर हमले के बाद इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमले की सूचना के बाद तिनसुकिया के SSP मयंक कुमार झा और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इसके बाद इलाके में अतरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। SSP मयंक कुमार झा ने बताया कि इस हमले के बाद तिनसुकिया जिले और ऊपरी असम के अन्य हिस्सों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
तिनसुकिया में पिछले साल भी हमला हुआ था। पिछले साल अक्टूबर में तिनसुकिया के ककोपाठार में भारतीय सेना के कैंप पर गोलीबारी हुई थी। इस हमले में 3 सैनिक घायल हो गए थे। हमले के बाद सेना ने बताया था कि अज्ञात हमलावरों ने लगभग मध्यरात्रि में चलती हुई गाड़ी से कैंप पर गोलीबारी की। इसके बाद सेना ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और पास के आवासीय क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की। अधिकारियों ने बताया था कि गोलीबारी के बाद हमलावर घटनास्थल से भाग गए थे। उस समय प्रतिबंधित आतंकवादी समूह यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।