
Assam Constable Murder: असम में कामरूप में एक पुलिस स्टेशन में एक कॉन्स्टेबल ने अपने ही दो साथी पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी। असम पुलिस ने बताया कि असम-मेघालय बॉर्डर पर स्थित एक आउटपोस्ट पर एक पुलिसकर्मी ने अपने ही दो साथी पुलिसकर्मियों को गोली मार दी। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना आज गुरुवार तड़के बोको पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले गमेरिमुरा पुलिस आउटपोस्ट पर सुबह 4 से 5 बजे के बीच हुई।
असम पुलिस ने बताया कि 29वीं असम पुलिस बटालियन के कॉन्स्टेबल चिरंजीब चौधरी ने अपने दो साथियों पर हमला किया। हालांकि, गोलीबारी के पीछे की वजह अब तक पता नहीं चल पाई है। मृतक कॉन्टेबलों की पहचान फजरुल अली और इंद्रजीत बोरा के रूप में हुई है। असम पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि दोनों पुलिसकर्मियों को AK-टाइप सर्विस राइफल से गोली मारी गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस आउटपोस्ट पर तड़के हुई गोलीबारी से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को कहा कि नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के मामले में असम सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक बनकर उभरा है। राज्य का अनुपालन स्कोर 92.16 प्रतिशत रहा, जबकि राष्ट्रीय औसत 74.86 प्रतिशत है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर, सीएम सरमा ने 1 जुलाई, 2024 को लागू हुए नए आपराधिक कानूनों ('न्याय संहिता') के बाद से असम के प्रदर्शन पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनी ढांचे को लागू करने में असम लगातार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है।
सीएम सरमा के अनुसार, राज्य ने नई आपराधिक न्याय प्रणाली को लागू करने से जुड़े कई अहम पैमानों पर 100 प्रतिशत अनुपालन हासिल किया है। उन्होंने बताया कि इनमें 'न्याय संहिता' को लागू करना और 'मॉडल नियमों' को अपनाना शामिल है। असम ने 'इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम' (आईसीजेएस) डेटा शेयरिंग मैट्रिक्स में भी पूर्ण अनुपालन दर्ज किया है, जो विभिन्न एजेंसियों और प्रणालियों के बीच आपराधिक न्याय से जुड़ी जानकारी के आदान-प्रदान को आसान बनाता है।
सीएम सरमा ने कहा कि राज्य ने 'नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम' (एनएएफआईएस) और 'मेडिको-लीगल एग्जामिनेशन एंड पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्टिंग सिस्टम' में भी 100 प्रतिशत अनुपालन हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रगति तकनीक के अधिक उपयोग, एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और नए कानूनों के प्रावधानों का पालन करके आपराधिक न्याय वितरण प्रणाली को मजबूत करने के राज्य के प्रयासों को दर्शाती है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पीड़ितों पर उचित ध्यान दिया जाए और मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।