Atishi writes to CM Rekha Gupta: आतिशी ने दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की माताओं और बहनों ने पीएम मोदी द्वारा दी गई गारंटी पर विश्वास किया था और अब वे ठगा हुआ महसूस कर रही हैं।
Atishi writes to Delhi CM Rekha Gupta: दिल्ली में महिलाओं को हर महीने 2500 की आर्थिक सहायता देने के वादे को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) विधायक आतिशी ने शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर योजना में देरी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की महिलाएं खुद को "ठगा हुआ" महसूस कर रही हैं और सरकार से वादे के जल्द क्रियान्वयन की उम्मीद कर रही हैं।
आतिशी ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 जनवरी 2025 को दिल्ली में हुई चुनावी रैली के दौरान किए गए वादे का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की माताओं और बहनों से वादा किया था कि भाजपा सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में महिलाओं को ₹2500 प्रति माह की आर्थिक सहायता देने की योजना पारित की जाएगी। उन्होंने इसे 'मोदी की गारंटी' बताया था। लेकिन 20 फरवरी को हुई नवगठित दिल्ली सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इससे दिल्ली की लाखों महिलाएं निराश और ठगा हुआ महसूस कर रही हैं।
आतिशी ने सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात के लिए 23 फरवरी 2025 को समय देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, आम आदमी पार्टी का विधायक दल आपसे मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहता है ताकि महिलाओं के लिए वादा की गई योजना पर ठोस कार्रवाई हो सके। यह दिल्ली की महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकार से जुड़ा मुद्दा है। हम चाहते हैं कि आपकी सरकार उनकी उम्मीदों पर खरा उतरे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को बजट तैयारियों के लिए अधिकारियों के साथ अहम बैठक बुलाई थी, जिसमें महिला सम्मान योजना पर भी चर्चा हुई। इस योजना के तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव है। हालांकि कैबिनेट बैठक में इसे पारित नहीं किए जाने पर विपक्ष ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।
भाजपा की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि महिलाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार को जल्द फैसला लेना पड़ सकता है। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में भी जोर-शोर से उठाने की तैयारी कर रही है।