ED Raid Attack: केरलम में ईडी (ED) अधिकारियों पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
CPI Workers ED Vehicle: केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी की कंपनी और एक रेत खनन कंपनी के बीच कथित वित्तीय लेन-देन की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। बुधवार को हुई इस घटना के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है।
ED अधिकारियों द्वारा छापेमारी पूरी करने के बाद जैसे ही टीम परिसर से बाहर निकली, वहां मौजूद कथित माकपा (CPM) कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ियों को घेर लिया। इस दौरान कम से कम तीन वाहनों में तोड़फोड़ की गई। बताया जा रहा है कि वाहन में एक महिला अधिकारी समेत ED के छह अधिकारी मौजूद थे।
पुलिस ने ED अधिकारियों पर हमले के मामले में लगभग 300 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह FIR ED के एक सहायक निदेशक की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भीड़ घातक हथियारों से लैस थी और उसने ED अधिकारियों व सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया।
FIR के मुताबिक, हिंसा के दौरान अधिकारियों को जान से मारने के नारे लगाए गए। हमलावरों ने ED अधिकारियों की गाड़ी पर हमला किया, जिसमें एक अधिकारी लाठियों से घायल हो गया। वहीं, ड्राइवर पर ईंटें फेंकने की भी कोशिश की गई।
स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे पुलिस और CRPF जवानों पर भी कथित तौर पर पत्थर और लाठियों से हमला किया गया। पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने में काफी देर तक संघर्ष करती रही। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
कोच्चि में हुई इस घटना ने बॉलीवुड फिल्म रेड के उस दृश्य की याद दिला दी, जिसमें छापेमारी के दौरान अधिकारियों पर हमला किया जाता है। ED की शिकायत के अनुसार, लगभग 300 लोगों की भीड़ ने अधिकारियों को चारों तरफ से घेर लिया। इस दौरान पत्थर और ईंटें फेंकी गईं और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोग भीड़ में चिल्ला रहे थे 'मार डालो इनको… यहां से जाने मत दो।' भारी तनाव के बीच ED की टीम किसी तरह मौके से निकलने में सफल रही।
ED की कार्रवाई के विरोध में माकपा नेताओं और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) कार्यकर्ताओं ने राज्यभर में प्रदर्शन किए। इस घटना के बाद केरल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।