
SY Quraishi And Manmohan Singh (File Photo: IANS)
SY Quraishi Book : नई दिल्ली। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एसवाई कुरैशी ने अपनी पुस्तक ‘इंडिया एंड आई: अ हंड्रेड मेमोरीज, नॉट अ मेमॉयर’ में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया है। पुस्तक में उन्होंने लिखा कि वर्ष 2012 में जब चुनाव आयोग के कामकाज पर मंत्रियों की बेतुकी बातों को लेकर उन्होंने पीएम के समक्ष नाराजगी जताई तो उन्होंने कहा था, मैं आत्महत्या कर लूंगा। सिंह ने यह भी कहा कि चुनाव आयेाग न केवल भारत का गौरव है, बल्कि देश के लोकतंत्र की आत्मा भी है और हम इसे खो देते हैं तो सब कुछ खो देंगे।
कुरैशी ने बताया कि 2012 के यूपी चुनाव के दौरान तत्कालीन कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने एक रैली में वादा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो नौकरी में मुसलमानों के लिए कोटा 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर देगी। इस पर बीजेपी ने आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत की। इस पर चार आयोग ने चार दिन सुनवाई की। कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और बीजेपी की तरफ से अरुण जेटली ने पक्ष रखा।
आयोग ने खुर्शीद के बयान की निंदा की तो कांग्रेस में ये बातें उठने लगीं कि चुनाव आयोग अहंकारी या मनमाना हो गया है। किताब में कुरैशी लिखते हैं कि आलोचना से मुझे कभी परेशानी नहीं होती, लेकिन ऐसी बातें जो संस्था की विश्वसनीयता को कम करती हैं, उनसे परेशानी होती है।
हमने अपनी शिकायत पीएम के प्रेस सचिव हरीश खरे के सामने बात रखी। खरे ने मनमोहन सिंह को अवगत कराया तो अगले दिन फोन की घंटी बजी। पीएम मनमोहन सिंह ने पूछा, कुरैशी जी मैं आपसे मिल सकता हूं? मैंने कहा, सर आप प्रधानमंत्री हैं, मैं आ जाऊंगा। पुस्तक में कुरैशी कहते हैं डॉ. सिंह दरवाजे पर इंजार कर रहे थे।
वे मुझे अंदर ले गए और इससे पहले ही हम ठीक से बैठ पाते, उन्होंने बहुत दुखी आवाज में कहा, हरीश ने मुझे सबकुछ बताया है। अगर आप ऐसा सोचते हैं, तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। मैं स्तब्ध रह गया। मेरी बात कुछ मंत्रियों के बारे में थी, उनके बारे में नहीं। कुरैशी ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात के बाद चुनाव आयोग के खिलाफ की जाने वाली आलोचनाएं बंद हो गई।
डॉ. मनमोहन सिंह के बारे में कुरैशी लिखते हैं कि मैंने अपने जीवन में कई शक्तिशाली लोगों को देखा है, लेकिन बहुत कम ऐसे लोग मिले जिन्होंने सत्ता को इतनी सहजता से धारण किया और उसकी जिम्मेदारी का बोझ इतनी गहराई से महसूस किया।
Updated on:
13 Jul 2026 07:06 am
Published on:
13 Jul 2026 07:02 am
