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बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद: एसआईटी ने CCTV फुटेज किया जब्त, डिलीट किया गया डेटा FSL भेजा

Badrinath Temple donation row: बद्रीनाथ धाम मंदिर में नगद चढ़ावा गिनती के दौरान कथित हेराफेरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। एसआईटी ने मंदिर परिसर से अहम डिजिटल सबूतों को अपने कब्जे में लिया है।
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Jul 15, 2026
Badrinath temple
Badrinath Dham (Photo: File Photo/IANS)

Badrinath Temple donation row: चमोली। बद्रीनाथ धाम मंदिर में नगद चढ़ावा गिनती के दौरान कथित हेराफेरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। एसआईटी ने मंदिर परिसर से अहम डिजिटल सबूतों को अपने कब्जे में लिया है। एसआईटी अधिकारी महादेव उनियाल ने बताया कि चढ़ावे की गिनती में हुई हेराफेरी और अनियमितताओं को पकड़ने के लिए पुलिस ने मंदिर के सर्विलांस सिस्टम को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

जांच अधिकारी ने ANI को बताया कि मंदिर परिसर के सीसीटीवी कंट्रोल रुम से एक एनवीआर (नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर) को अपने कब्जे में लिया है। इसमें 22 जून और 25 जून की पूरी सीसीटीवी फुटेज है। एसआईटी ने साफ किया है कि डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने के लिए एनवीआर को तुरंत फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) भेजा जा रहा है।

मंदिर के CEO और पीए से पूछताछ

इस बीच, एसआईटी ने मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रंगड़ और उनके निजी सहायक (PA) अतुल डिमरी से लंबी पूछताछ की है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इतनी बड़ी सुरक्षा चूक और लापरवाही कैसे हुई।

इसके साथ ही, जांचकर्ता पिछले कई दिनों से सीसीटीवी कंट्रोल रूम में डेरा डाले हुए हैं और हर दिन के ऑपरेशनल लॉग को खंगाल रहे हैं। अधिकारी उनियाल ने पुष्टि की है कि फुटेज में कुछ संदिग्ध लोग नजर आए हैं, जिनकी भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है।

जांच कमेटी ने भी बद्रीनाथ धाम का किया दौरा

इससे पहले, 14 जुलाई को सरकार द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने बद्रीनाथ धाम का दौरा किया। गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी ने बताया कि कमेटी ने पूरे रूट का मुआयना किया। कमेटी ने देखा कि दानपात्रों को कैसे लाया जाता है, काउंटिंग रूम की व्यवस्था कैसी है, वहां सीसीटीवी कैमरे किस एंगल पर लगे हैं और गिनती के वक्त बैंक अधिकारी कब पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि जनता को भी इस संबंध में कोई भी जानकारी साझा करने का मौका दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर साइबर सेल व फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ली जाएगी।

नौटियाल ने ली हाई कोर्ट की शरण

उधर, चढ़ावा हेराफेरी मामले में निलंबन व एफआइआर निरस्त करने की मांग को लेकर आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल ने उत्तराखंड हाई कोर्ट की शरण ली है। शुक्रवार को न्यायाधीश आलोक मेहरा की एकलपीठ ने मामले में बीकेटीसी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।

Updated on:
15 Jul 2026 02:53 pm
Published on:
15 Jul 2026 02:53 pm