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अजित पवार की मौत पर भतीजे रोहित पवार ने दिया चौंकाने वाला बयान, दादा का एक्सीडेंट…

NCP नेता रोहित पवार ने बारामती में हुए विमान हादसे में साजिश की संभावना जताते हुए PM मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से कुछ मांगे रखी है।

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Feb 21, 2026
नेता रोहित पवार (X)

बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे में पूर्व महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दुखद मौत ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब NCP (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता रोहित पवार ने इस घटना को साधारण दुर्घटना नहीं मानते हुए साजिश की संभावना जताई है।

रोहित पवार का साजिश वाला बयान

रोहित पवार ने कहा है "अब तक सामने आई जांच रिपोर्ट्स को देखते हुए यह सिर्फ एक हादसा नहीं लगता। इसमें दो तरह की साजिशें हो सकती हैं राजनीतिक और व्यावसायिक। हमें यह स्पष्ट करना होगा कि किस प्रकार का षड्यंत्र इसमें शामिल है।” उन्होंने कहा कि अगर VSR एविएशन कंपनी इस घटना के लिए जिम्मेदार है और उसे कोई समर्थन या संरक्षण प्रदान किया जा रहा है, तो यह एक गंभीर साजिश भी हो सकती है।

VSR एविएशन कंपनी की आलोचना

रोहित पवार ने VSR एविएशन कंपनी की भूमिका पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अजित पवार के प्लेन क्रैश में अतिरिक्त ईंधन टैंक लगे थे, जिससे विस्फोट की तीव्रता बढ़ी। ब्लैक बॉक्स बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर सवाल उठाए, क्योंकि यह अत्यधिक गर्मी सहन करने वाला होता है। कंपनी के मालिक के हादसे के बाद अचानक गायब (या विदेश भागने) पर संदेह जताया। साथ ही, TDP नेताओं से कंपनी के कथित गहरे संबंध बताकर जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूरी पारदर्शिता और गहन, निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जांच अधिकारियों पर भी आरोप

रोहित पवार का कहना है कि सिर्फ कंपनी ही नहीं, इस मामले में DGCA के अधिकारी भी शामिल पाए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ तथ्यों को छिपाने की कोशिश की जा रही है।

PM मोदी और अमित शाह को पत्र

रोहित पवार ने सीधे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि वे इस मामले में व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लें। वे लिखते हैं “अगर न्याय दिलाना है, तो भारत के सबसे सशक्त लोग ही इस जांच को निष्पक्षता से आगे बढ़ा सकते हैं।” आज ही उन्होंने प्रधानमंत्री को ईमेल के माध्यम से पत्र भी भेजा है।

मोदी सरकार से मांग

नागरिक उड्डयन मंत्री को तुरंत इस्तफा देना चाहिए।
जांच में पारदर्शिता हो।
CBI या मल्टी‑एजेंसी जांच कराई जाए।

Published on:
21 Feb 2026 12:54 pm
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