
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर नगर निगम के पूर्व टीएमसी पार्षद देबराज चक्रवर्ती को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने टीएमसी पर तीखा हमला बोला। सामिक भट्टाचार्य ने टीएमसी को 'लुटेरों का गिरोह' बता दिया।
देबराज चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने टीएमसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि टीएमसी के नेता दागदार हैं और यह 'लुटेरों का गिरोह' बन चुकी है। सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं। उनके अनुसार, टीएमसी ने पूरे समाज को इस स्थिति में पहुंचा दिया है कि सब कुछ एक खुले बाजार की तरह हो गया है। उन्होंने कहा कि किसने कैसे लूट की, इसकी जानकारी पुलिस को है और बीजेपी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
इसी बीच टीएमसी के बागी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग के समक्ष खुद को 'असली टीएमसी' बताते हुए पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा पेश किया है। उनका कहना है कि उनके साथ पार्टी के दो-तिहाई से अधिक विधायक, पार्षद और जिला परिषद सदस्य हैं।
ऋतब्रत बनर्जी के दावे के बाद टीएमसी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा कि चुनाव आयोग अपने ही नियमों का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग के नियमों के मुताबिक केवल किसी राजनीतिक दल के अधिकृत प्रतिनिधि ही फुल बेंच से मुलाकात कर सकते हैं और बैठक का अनुरोध भी वही कर सकते हैं। ऐसे में पार्टी से निष्कासित नेताओं के समूह को फुल बेंच से मिलने की अनुमति देना नियमों के खिलाफ है।
मीडिया से बातचीत में सागरिका घोष ने ऋतब्रत बनर्जी के गुट को 'टुटफुटिया' झुंड बताया। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं को पार्टी से निकाला जा चुका है, उन्हें चुनाव आयोग के फुल बेंच से मिलने की अनुमति देना आयोग के नियमों के विपरीत है।