
Kolkata stampede: कोलकाता के चोरबागन सर्वजनीन सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडाल में बीते दिनों हुई भगदड़ की दुखद घटना, जिसमें 19 लोगों मौत होने के बाद अब पश्चिम बंगाल प्रशासन ने राज्य में आने वाली काली पूजा और जगद्धात्री पूजा के लिए पंडाल संबंधी नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। राज्य प्रशासन द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में मुख्य रूप से तीन बातों आग से बचाव, भीड़ प्रबंधन और पंडाल परिसर के भीतर प्रकाश व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया, "चोरबागन पूजा की थीम के लिए रखी गई हल्की रोशनी (dim light) पंडाल के भीतर भीड़ प्रबंधन में बाधा बन गई थी। इसे ध्यान में रखते हुए, सामुदायिक काली पूजा और जगद्धात्री पूजा के आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे पंडाल परिसर के भीतर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करें।
एक अधिकारी ने बताया उन्होंने यह भी बताया कि सामुदायिक पूजा समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे न केवल पंडाल के अंदर, बल्कि पंडाल के प्रवेश और निकास द्वारों पर भी पर्याप्त रोशनी का इंतजाम रखें।
अधिकारी ने कहा कि समितियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे पंडाल में आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास द्वारों को काफी चौड़ा रखें।
मानक संचालन प्रक्रिया में, राज्य प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण पर विशेष जोर दिया है और पूजा समितियों को निर्देश दिया है कि वे आने वाले भक्तों की संभावित संख्या के हिसाब से पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों (volunteers) को तैनात करें।
राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा, "पंडाल परिसर में अत्यधिक भीड़ से बचने के लिए, बाहर इंतजार कर रहे भक्तों को तभी अंदर आने दिया जाए, जब पहले से अंदर मौजूद भक्त बाहर निकल जाएं। इससे पंडाल के भीतर भक्तों की भीड़ बेकाबू नहीं होगी। बड़ी पूजाओं में एम्बुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए और हर पंडाल में प्राथमिक चिकित्सा (first aid) की सुविधा भी होनी चाहिए।"
मानक संचालन प्रक्रिया में आग लगने की घटनाओं को रोकने पर भी ध्यान दिया गया है। इसके अनुसार, पूजा समितियों को पंडाल के भीतर अग्निशामक यंत्र (fire extinguishers) रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, आग लगने की स्थिति में, राज्य अग्निशमन विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि सूचना मिलने के 15 मिनट के भीतर दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच जाएं।