
बेंगलुरु। तीन साल बाद भारत लौटी एक यूके निवासी कंटेंट क्रिएटर और हीलिंग कोच ने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर टैक्सी चालक पर कथित तौर पर ठगी करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि एयरपोर्ट से महज 14 किलोमीटर के सफर के लिए ड्राइवर ने उससे 4 हजार रुपए वसूले। बाद में उसे पता चला कि ड्राइवर ने जो बिल दिया था, वह फर्जी था। महिला ने लिंक्डइन पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि तीन साल से भारत से बाहर रहने के कारण बेंगलुरु उसके लिए लगभग अनजान शहर था। उसे एयरपोर्ट टैक्सी के किराए, उपलब्ध परिवहन विकल्पों और सामान्य किराए की जानकारी नहीं थी। इसी का कथित तौर पर फायदा उठाया गया।
कंटेंट क्रिएटर अभीष्णा एन के मुताबिक, टैक्सी में बैठने से पहले उसने ड्राइवर से किराए के बारे में साफ तौर पर पूछा था। ड्राइवर ने उसे बताया कि वह मीटर चार्ज के अनुसार से किराया लेगा। इस पर महिला ने ड्राइवर पर भरोसा किया और टैक्सी में बैठ गई। उन्होंने बताया कि मंजिल तक पहुंचने पर पता चला कि दूरी करीब 14 किलोमीटर ही थी, लेकिन ड्राइवर ने उन्हें 4 हजार रुपए का बिल थमा दिया। बाद में जांच करने पर उन्हें पता चला कि यह बिल फर्जी था।
अबीष्णा ने कहा कि उन्हें शुरुआत में यह अहसास भी नहीं हुआ कि उनके साथ ठगी की जा रही है। तीन साल बाद भारत लौटने और बेंगलुरु की स्थानीय व्यवस्था से अनजान होने के कारण उन्होंने मान लिया कि एयरपोर्ट टैक्सी का किराया इसी तरह लिया जाता है। उन्होंने कहा कि 4 हजार रुपए का नुकसान निश्चित रूप से परेशान करने वाला था, लेकिन उससे ज्यादा चिंता इस बात की थी कि किसी अनजान शहर में आने वाले यात्री को कितनी आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। महिला ने यात्रियों को सलाह दी कि किसी नए शहर में पहुंचने पर एयरपोर्ट से टैक्सी लेने से पहले किराए और उपलब्ध परिवहन विकल्पों की जानकारी जरूर लें।
महिला की पोस्ट के बाद कई लोगों ने बेंगलुरु समेत देश के दूसरे बड़े शहरों में टैक्सी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। एक यूजर ने दावा किया कि बेंगलुरु एयरपोर्ट की टैक्सियों में लंबे समय से ओवरचार्जिंग और बिल बढ़ाने की समस्या है। वहीं, एक अन्य यूजर ने हैदराबाद का अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्थानीय टैक्सियों के बजाय जानी-मानी और आधिकारिक रूप से पंजीकृत कैब सेवाओं का इस्तेमाल करना बेहतर है। एक अन्य व्यक्ति ने मीटर चार्ज पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे बेंगलुरु में ऐसी व्यवस्था के बारे में जानकारी ही नहीं थी। वहीं एक यूजर ने ऐप आधारित कैब सेवा का इस्तेमाल करने की सलाह दी और दावा किया कि 14 किलोमीटर की यात्रा का किराया 500 रुपए से कम हो सकता है।