
राजस्थान पत्रिका- गुरु दक्षिणा
मास्टरजी की डांट, एक टीचर का भरोसा, एक शिक्षिका की वह सीख… जो आज भी जिंदगी की राह दिखाती है। हम बड़े होते गए, आगे बढ़ते गए, लेकिन गुरु का वह कर्ज कभी उतार नहीं पाए… शायद इसलिए कि गुरु ने कभी कुछ मांगा ही नहीं।
इस शिक्षक दिवस पर राजस्थान पत्रिका ‘गुरु दक्षिणा’ की ऐसी पहल करने जा रहा है, जो अब तक कभी नहीं हुई। इस अभियान में शिष्य अपने गुरु को दक्षिणा देने के बजाय उनके नाम पर समाज को कुछ लौटाएंगे। किसी स्कूल में किताबें बनकर, किसी जरूरतमंद के इलाज में मदद बनकर या किसी अधूरे सपने को पूरा करने का सहारा बनकर। क्योंकि गुरु की दी हुई सीख का सबसे सुंदर सम्मान यही है कि वह किसी और की जिंदगी संवारने के काम आए।
'राजस्थान पत्रिका' आपसे पूछता है कि आपकी ‘गुरु दक्षिणा’ क्या होगी?
अपनी कहानी हमें बताएं।
Updated on:
30 Aug 2026 02:55 pm
Published on:
30 Aug 2026 02:53 pm
