Bharat Bandh on 21 August : भीम आर्मी और अन्य दलित संगठनों ने बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन का चक्का जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उच्चतम न्यायालय के फैसले की आलोचना करते हुए एक बड़ी साजिश करार दिया।
Bharat Bandh : एससी, एसटी आरक्षण में उच्चतम न्यायालय द्वारा उपवर्गीकरण करने के फैसले के विरोध में अनुसूचित जाति और जनजाति मोर्चा व भीम आर्मी द्वारा बुलाए गए भारत बंद का पूरे देश में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। इस बंद का समर्थन विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी किया है, जिससे इसका प्रभाव कई शहरों में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। आरक्षण में वर्गीकरण को लेकर ओडिशा में बुधवार को रेल तथा सड़क यातायात बाधित हो गया है। ओडिशा पुलिस ने बताया कि सरकारी कार्यालयों, बैंक, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों में सामान्य रूप से कामकाज हो रहा है।
बिहार के हाजीपुर शहर में सुबह से ही बंद का असर देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर और आगजनी कर बड़े पैमाने पर विरोध किया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। भीम आर्मी के सक्रिय सदस्यों ने सड़क पर उतरकर इस बंद को सफल बनाने की कोशिश की। हाजीपुर के सभी मार्ग प्रदर्शनकारियों ने बंद कर दिए। दरभंगा में भीम आर्मी और अन्य दलित संगठनों ने बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन का चक्का जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बिहार के जहानाबाद में इसका असर सुबह से ही दिखाई देने लगा। पटना में बंद समर्थकों ने महेंद्रु अंबेडकर हॉस्टल के पास सड़क को जाम कर दिया और आगजनी की।
छत्तीसगढ़ : कवर्धा में भारत बंद का असर अपेक्षाकृत कम देखा गया। चेंबर ऑफ कॉमर्स ने भारत बंद का समर्थन नहीं किया है, जिसमें छोटे व्यापारी और अन्य व्यावसायिक संगठन शामिल हैं। चेंबर ने बताया कि व्यापारिक संगठनों की बिना पूर्व सूचना के समर्थन न देने की परंपरा है, जिसके कारण कवर्धा में भारत बंद का प्रभाव सीमित रहा।
इसके अलावा झारखंड के चाईबासा में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्थन के साथ अनुसूचित जाति और जनजाति संगठनों ने बाजारों को बंद करा दिया और वाहनों का परिचालन ठप कर दिया। चाईबासा शहर के तांबो चौक पर सड़क को अवरुद्ध कर दिया गया है, और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता ने कहा कि आरक्षण में वर्गीकरण की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजस्थान : जयुपर से लेकर अलवर तक भारत बंद का असर देखा गया है। बाजारों में दुकानें बंद हैं और सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं। जिला कलक्टर ने कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है, जबकि पुलिस प्रशासन लगातार राउंड पर है। हालांकि, जिले में शांति का माहौल बना हुआ है।
भारत बंद के दौरान लखनऊ,कानपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में दुकाने और व्यापारिक प्रतिष्ठान समय से खुले वहीं सड़क और रेल यातायात पर भी दोपहर 12 बजे तक बंद का कोई असर नहीं दिखा। स्कूल कालेज खुले हुये हैं और सड़कों पर भीड़भाड़ सामान्य दिनो की तरह दिखी। दलित बस्तियों में हालांकि गली कूचों की फुटकर दुकाने बंद रहीं। समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बंद का समर्थन किया है। बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिये सुरक्षा बलों को चौकस कर दिया गया है।
भारत बंद के आह्वान पर पुलिस और प्रशासन ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी है। प्रशासन सभी चौक-चौराहों पर पैनी नजर रखे हुए है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से अलर्ट है। जिलाधिकारी के निर्देश पर विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती भी की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन ने बंद में शामिल लोगों को शांतिपूर्ण बंद करने को कहा है, अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उच्चतम न्यायालय में काफी लंबे समय से सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के लिए एससी, एसटी वर्ग को सब कैटेगरी में आरक्षण दिए जाने की मांग का मामला लंबित था। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में एक अगस्त को बड़ा फैसला सुनाते हुए अपने ही 2004 के पुराने फैसले को पलट दिया। न्यायालय ने पंजाब अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग अधिनियम, 2006 और तमिलनाडु अरुंथथियार अधिनियम पर अपनी मुहर लगाकर कोटा के अंदर सब कैटेगरी को मंजूरी दे दी।