भारत बायोटेक ने अपनी नेजल वैक्सीन (BBV154) को लेकर दूसरे चरण का ट्रायल पूरा कर लिया है। ट्रायल में वैक्सीन कोरोना पर काफी प्रभावी पाई गई है।
नई दिल्ली। करीब डेढ़ साल से भी अधिक समय से कोरोना महामारी से जूझ रहे भारत ने हाल ही में 100 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया है। वहीं अब भारत के लिए एक और अच्छी खबर है। दरअसल, भारत बायोटेक ने अपनी नेजल वैक्सीन (BBV154) को लेकर दूसरे चरण का ट्रायल पूरा कर लिया है। कंपनी ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि नेजल वैक्सीन के फेज-2 का ट्रायल लगभग पूरा हो गया है। वहीं ट्रायल में वैक्सीन कोरोना पर प्रभावी पाई गई है।
बच्चों के टीकाकरण पर दी जानकारी
कंपनी के निदेशक और चेयरमैन डॉ. कृष्णा ईला ने बताया कि नेजल वैक्सीन BBV154 कोरोना महामारी पर प्रभावी पाई गई है। यह टीका कोरोना इंफेक्शन को फैलने से रोकेने में मदद करेगा। इस दौरान देश में बच्चों के कोरोना टीकाकरण शुरू करने को लेकर उन्होंने कहा कि इसके लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया (DCGI) से अनुमति का इंतजार है। बता दें कि गौरतलब है कि दो साल से बड़े सभी बच्चों के कोरोना टीकाकरण के लिए भारत बायोटेक के टीके कोवैक्सीन को सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने इसे मंजूरी देने की सिफारिश की है। वहीं इसपर अब डीजीसीआइ के फैसले का इंतजार है।
जायकोव-डी को मिल चुकी है मंजूरी
बता दें कि भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही हैं। फिलहाल भारत में बच्चों का कोरोना टीकाकरण शुरू नहीं हुआ है। वहीं कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के सबसे अधिक प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में भारत सरकार जल्द से जल्द बच्चों का टीकाकरण शुरू करने की योजना बना रही है। बता दें कि जायडस कैडिला की वैक्सीन जायकोव-डी को 12 से 18 साल के बच्चों के लिए अनुमति मिल चुकी है। ऐसे में जल्द ही बच्चों का कोरोना टीकाकरण शुरू हो सकता है।
गौरतलब है कि भारत ने कोरोना टीकाकरण में हाल ही में 100 करोड़ का लक्ष्य हासिल किया है। इसको लेकर भारत बायोटेक के निदेशक डॉ. कृष्णा ईला ने भारत सरकार के प्रयासों की जमकर तारीफ की। देश की इस उपलब्धि के लिए उन्होंने सरकार को जिम्मेदार बताया। भारत में फिलहाल कोरोना टीकाकरण अभियान में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड और रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-v का इस्तेमाल किया जा रहा है।