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CM नीतीश ने दी बड़ी सौगात, आशा वर्कर्स के वेतन में 3 गुना बढ़ोतरी

Nitish Kumar Announcement for Asha Workers: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आशा वर्कर्स का मासिक मानदेय अब 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है, जो कि तीन गुना वृद्धि है।

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Jul 30, 2025
आशा वर्कर्स के वेतन में 3 गुना बढ़ोतरी (ANI)

Bihar Assembly Election 2025: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने आशा वर्कर्स और ममता कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी घोषणा की है। आशा कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय अब 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है, जो कि तीन गुना वृद्धि है। इसके साथ ही ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव 300 रुपये के बजाय अब 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस फैसले से बिहार की करीब 90,000 आशा कार्यकर्ताओं और ममता कार्यकर्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में आशा कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका

आशा कार्यकर्ताएं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं। ये कार्यकर्ताएं मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, और परिवार नियोजन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को गति देती हैं। उनकी मेहनत और समर्पण को देखते हुए यह वेतन वृद्धि एक महत्वपूर्ण कदम है।

लंबे समय से थी मांग

आशा कार्यकर्ताएं लंबे समय से अपने मानदेय में वृद्धि और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग कर रही थीं। वर्ष 2023 में भी इस मुद्दे को लेकर हड़ताल और प्रदर्शन हुए थे। उस समय उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने मानदेय को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये करने का आश्वासन दिया था, जिसे अब और बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है।

केंद्र सरकार से भी मांग

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार से भी आशा कार्यकर्ताओं के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की मांग की है। इससे पहले 2023 में तेजस्वी यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर ध्यान देने का आग्रह किया था।

आशा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर

इस घोषणा के बाद आशा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ की अध्यक्ष शशि ने कहा, "यह हमारी मेहनत का सम्मान है। हमारी मांगों पर सरकार ने ध्यान दिया, जिसके लिए हम आभारी हैं।" कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह वृद्धि उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी भागीदारी को और बढ़ाएगी।

राज्य सरकार का खजाने पर बोझ

इस वेतन वृद्धि से बिहार सरकार के खजाने पर सालाना करीब 298 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि, सरकार का मानना है कि यह निवेश स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेगा।

आगामी भर्ती की भी घोषणा

इसके साथ ही, बिहार सरकार ने 2025 में 27,375 आशा कार्यकर्ताओं की नई भर्ती की भी घोषणा की है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 21,009 और शहरी क्षेत्रों में 5,316 आशा कार्यकर्ताओं का चयन होगा। यह प्रक्रिया अगले तीन महीनों में पूरी की जाएगी।

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