भोजापुर में अनुकंपा पर नौकरी पाने और पिता के रिटायरमेंट के पैसों के लालच में बेटे ने पिता का गला काट दिया। पुलिस ने आरोपी और घटना में उसका साथ देने वाले उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।
बिहार के भोजपुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बेटे अनुकंपा पर नौकरी और पैसे पाने के लालच में अपने पिता की हत्या कर दी। मृतक की पहचान पशुपतिनाथ तिवारी के रूप में हुई है जो कि झारखंड पुलिस में ड्राइवर थे। पशुपतिनाथ की पोस्टिंग हजारीबाग में थी और वो जनवरी 2026 में रिटायर होने वाले थे। वह छुट्टी लेकर भगवतपुर में अपने घर आए हुए थे। इसी दौरान 20 दिसंबर को रात में सोते हुए पशुपतिनाथ के बेटे विशाल तिवारी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी।
हत्या के पांच दिनों बाद पुलिस ने विशाल और उसके दोस्त मो. जिशान अहमद जिलानी को गिरफ्तार कर लिया है। विशाल और मो. जिशान हजारीबाग में रहते थे और यहीं से पुलिस ने उन्हें पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, विशाल नशे का आदी है और उसकी अपने पिता से बिल्कुल नहीं बनती थी। 19 दिसंबर को पशुपतिनाथ अपने घर में सोए हुए थे तभी देर रात विशाल ने मो. जिशान के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया। विशाल ने पहले धारदार हथियार से पिता का गला काटा और बाद में उनके दाएं हाथ का अंगूठा भी काट दिया।
विशाल ने पुलिस पूछताछ के दौरान कहा कि उसे डर था कि कहीं पिता अगर बच गए तो वह अपनी संपत्ति उसकी बहन के नाम न कर दें। इसी के चलते उसने पिता का अंगूठा काट दिया। मृतक के शव से अंगूठा गायब होने के चलते पुलिस को बेटे पर शक हुआ और उन्होंने विशाल को लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने मर्डर के दिन विशाल की लोकेशन पता की जो कि पिता के घर पर थी। इसके बाद पुलिस ने पहले मो. जिशान को पकड़ा और फिर उसके जरिए विशाल तक पहुंची।
पूछताछ के दौरान पहले विशाल ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन बाद में अपना गुनाह कबूल कर लिया। विशाल ने पुलिस को बताया कि वह घटना वाली रात करीब डेढ़ बजे दीवार कूदकर पिता के घर में घूसे और फिर नींद में पिता पर हमला कर दिया। पहले विशाल ने पिता का चाकू से गला काटा और फिर उसके दोस्त ने भी ऐसा ही किया। हत्या करके दोनों हजारीबाग भाग गए और रास्ते में सहार पुल के पास सोन नदी में हत्या में इस्तेमाल किया चाकू और दस्ताने फेंक दिए। पुलिस के अनुसार, विशाल ने 2 साल पहले भी पिता को मारने की कोशिश की थी लेकिन वो तब बच गए थे। संपत्ति के लालच में विशाल अपनी बहन की हत्या की साजिश भी रच रहा था।