बिहार महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर लगभग सहमति बन गई है। कांग्रेस को 55 से 57 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि राजद को 125 सीटें मिल सकती हैं। वाम दलों को 35, वीआईपी पार्टी को 20 और पशुपति पारस को तीन सीटें मिलने की बात कही जा रही है।
बिहार महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत लगभग फाइनल पोजीशन पर चल रही है। इस बीच, यह जानकारी उभरकर सामने आई है कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में 57 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
वहीं, वह 'भारतीय समावेशी पार्टी (आईआईपी)' के लिए दो सीटें छोड़ेगी। हलांकि, इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने बुधवार को सहयोगी दलों के साथ बातचीत के बीच चुनाव को लेकर पार्टी उम्मीदवारों पर चर्चा की। यह भी खबर सामने आई है कि कांग्रेस ने 25 उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं।
सूत्रों के हवाले से 'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' ने बताया कि कांग्रेस ने 19 मौजूदा विधायकों में से 17 को मैदान में उतारने का फैसला किया है।
मौजूदा विधायकों में से एक मुरारी प्रसाद गौतम के बुधवार को इस्तीफा देने के कारण उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
बता दें कि हाल ही में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पार्टी को इस बार कई मौजूदा विधायकों का टिकट काटने की सलाह दी थी। लेकिन राहुल गांधी सहित शीर्ष नेतृत्व का मानना था है कि मौजूदा विधायकों को टिकट न देने से बगावत हो सकती है और बागी उम्मीदवार सामने आ सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस लगभग 55 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है। उसका पूरा फोकस सीमांचल, मिथिलांचल और उत्तर बिहार की कुछ सीटों पर रहेगा।
पार्टी ने आईपी गुप्ता के नेतृत्व वाली आईआईपी के लिए दो सीटें छोड़ने का फैसला किया है। ऐसी जानकारी सामने आई है कि इस सप्ताह के अंत में दिल्ली में गठबंधन की अगले दौर की बातचीत के बाद उम्मीदवारों की शेष सूची जारी होने की संभावना है।
एक नेता ने कहा कि उम्मीदवारों की पहली सूची जल्द ही जारी की जाएगी। उम्मीदवारों पर फैसला करने के लिए अगली बैठक तीन या चार दिनों में होगी। बता दें कि बिहार में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को है। वहीं, दूसरे चरण की वोटिंग 9 नवंबर को होगी। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे।