
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन में अभी तक सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बनी है। पहले दौर का नामांकन की भी तारीख खत्म हो गई है। प्रदेश की कई सीटों पर महागठबंधन के घटक दलों के बीच दोस्ताना मुकाबला देखने को मिल सकता है। बताया जा रहा है कि प्रदेश की कम से कम 7 सीटों पर फ्रेंडली मुकाबला हो सकता है। महागठबंधन के घटक दलों के बीच खींचतान अब सामने आ गई है।
लालगंज विधानसभा सीट पर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। इसके अलावा कुटुम्बा विधानसभा सीट पर राजद ने कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के खिलाफ सुरेश पासवान को टिकट दिया है।
वहीं वारसलीगंज में राजद ने अनीता देवी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने सतीश कुमार सिंह को टिकट दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 10 सीटें ऐसी है जहां पर महागठबंधन के घटक दलों के बीच सहमति नहीं बन पाई है।
बता दें कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश की सात सीटों पर फ्रेंडली फाइट की स्थिति बन गई है, जिसमें लालगंज, वैशाली, राजापाकर, बछवाड़ा, रोसड़ा, बिहार शरीफ और गौड़ाबौराम है।
बिहार में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। वह छह सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। हालांकि पार्टी के नेताओं का कहना है कि आगे संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
बता दें कि 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर 6 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हो गई। हालांकि, महागठबंधन सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देने में विफल रहा और सीटों के बंटवारे की घोषणा नहीं की।
दूसरे चरण के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया भी आज तेज हो गई है। नामांकन दाखिल करने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, और महागठबंधन की सबसे प्रमुख पार्टी राजद ने अभी तक उम्मीदवारों के बारे में अपने पत्ते पूरी तरह से नहीं खोले हैं।
कांग्रेस ने अब तक 54 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, जबकि भाकपा (माले) ने 20 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी।