2020 के विधानसभा चुनाव में RJD उम्मीदवार के तौर पर कैमूर जिले की अपनी मोहानिया विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वाली संगीता कुमारी और पटना जिले की बिक्रम विधानसभा सीट से दो बार के कांग्रेस विधायक रह चुके सिद्धार्थ सौरभ बीजेपी में शामिल हो गए है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर सामने आया है। यहां सोमवार को 'INDIA' गठबंधन के दो बागी नेताओं को बीजेपी ने अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है। पिछले चुनावों में इन दोनों नेताओं ने RJD और कांग्रेस की सीटों से जीत हासिल की थी। लेकिन अब आगामी चुनावों से पहले RJD की संगीता कुमारी और कांग्रेस के सिद्धार्थ सौरभ बीजेपी में शामिल हो गए है।
बिहार BJP के प्रदेश अध्यक्ष ने इन दोनों नेताओं को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल किया है। पटना में पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में दोनों नेताओं को BJP की प्राथमिक सदस्यता दी गई। संगीता कुमारी ने 2020 के विधानसभा चुनाव में RJD उम्मीदवार के तौर पर कैमूर जिले की अपनी मोहानिया विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। जबकि सिद्धार्थ सौरभ पटना जिले की बिक्रम विधानसभा सीट से दो बार के कांग्रेस विधायक रह चुके है। BJP में शामिल होने से पहले दोनों नेताओं ने पिछले हफ्ते अपनी-अपनी सीटों से इस्तीफा दे दिया था।
इन दोनों नेताओं ने फरवरी 2024 में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के फ्लोर टेस्ट के दौरान ही विपक्षी गठबंधन के प्रति अपनी असहमति के संकेत दे दिए थे। विपक्षी टिकट पर चुने जाने के बावजूद, उन्होंने सत्तारूढ़ NDA के पक्ष में मतदान किया था। इन दोनों के अलावा, चेतन आनंद (शेहर), नीलम देवी (मोकामा), और प्रहलाद यादव (सूर्यगढ़ा) जैसे अन्य बागी विधायकों के समर्थन ने नीतीश कुमार को विधानसभा में विश्वास मत जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तभी से राजनीतिक प्रेक्षकों ने यह आशंका जताई थी कि इन बागी विधायकों को उनकी पार्टियां आगामी चुनावों में टिकट नहीं देंगी, जिसके बाद उनका BJP या JDU में शामिल होना तय माना जा रहा था।
इनका स्वागत करते हुए, BJP नेताओं ने इसे आगामी चुनावों से पहले पार्टी की जमीनी ताकत के लिए एक बड़ा बढ़ावा बताया। इससे पहले, 10 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर के पूर्व सांसद अजय निषाद भी अपनी पत्नी रमा निषाद के साथ BJP में लौट आए थे। उन्हें भी दिलीप जायसवाल ने पार्टी में शामिल कराया था। निषाद, जो एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से आते हैं, 2014 और 2019 में BJP के टिकट पर मुजफ्फरपुर से लोकसभा सांसद रह चुके थे, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने पर वह कांग्रेस में चले गए थे।