बिहार की ऐसी लवस्टोरी जिसमे महिला ने अपने लिवइन पार्टनर के लिए सजा की मांग करते हुए एसपी कार्यालय में अपने दोनों हाथों की नस काट ली। जानिए पूरा मामला।
बिहार के समस्तीपुर जिले में शुक्रवार दोपहर एसपी ऑफिस परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक महिला ने सबके सामने न्याय की गुहार लगाते हुए अपने दोनों हाथों की नसें ब्लेड से काट लीं। महिला का दावा है कि वह जिले की किसी जेलर के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी और दोनों ने शादी भी कर ली थी, लेकिन अब जेलर उसे अपनाने से मुकर रहा है और धोखा दे रहा है। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने खून से लथपथ महिला को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान वह डॉक्टरों को घाव पर दवा-पट्टी करने से रोकती रही और बार-बार न्याय की मांग करती रही। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन मामला बेहद संवेदनशील है।
पीड़ित महिला ने दलसिंहसराय अनुमंडलीय उपकारा के सहायक जेल अधीक्षक आदित्य कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि वह आदित्य की पत्नी है, लेकिन अधिकारी उसे अब स्वीकार नहीं कर रहे। उसके मुताबिक, जुलाई 2022 में दोनों ने शादी की थी और पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। महिला ने जेलर पर यौन शोषण का भी आरोप लगाया है। उसने कहा कि अब आदित्य के माता-पिता के दबाव में उसे मारकर बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। महिला ने दलसिंहसराय थाने में आदित्य कुमार के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है।
पीड़ित महिला पिछले तीन दिनों से अपने दो बच्चों और सामान के साथ समस्तीपुर एसपी कार्यालय का चक्कर लगा रही थी। वह जेलर की गिरफ्तारी की मांग करते हुए एसपी से न्याय की गुहार लगा रही थी। लगातार निराशा मिलने के बाद, शुक्रवार दोपहर भावुक होकर उसने एसपी कार्यालय के बाहर जेब से ब्लेड निकाला और दोनों कलाइयों की नसें काट लीं। इस घटना ने कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नवादा जिले की रहने वाली यह महिला पहले से शादीशुदा थी और पति से तलाक के लिए कोर्ट में आवेदन दे चुकी थी। तलाक की सुनवाई के दौरान गया कोर्ट में उसकी मुलाकात आदित्य कुमार से हुई, जो उस समय गया में तैनात थे। मुलाकात के बाद दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और महिला का दावा है कि उन्होंने गया के विष्णुपद मंदिर में शादी कर ली। महिला ने बताया कि आदित्य को उसके दो बच्चों के बारे में पूरी जानकारी थी। आदित्य कुमार सोनपुर के निवासी हैं।
इस पूरे मामले पर पुलिस के किसी भी अधिकारी ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। घटना ने समस्तीपुर एसपी कार्यालय की सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बहस छेड़ दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन जेलर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।