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Bihar MLC Election: वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़ा? राजद पहुंची चुनाव आयोग, पोर्टल फिर से खोलने की मांग

RJD Fake Voter Allegation: बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार को पत्र लिखकर बड़े पैमाने पर फर्जी मतदाताओं के पंजीकरण का आरोप लगाया है।
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Updated: 9 Sep 2026, 5:52 PM IST
Tejashwi Yadav
तेजस्वी यादव (फोटो- एएनआई)

Bihar MLC Election:बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। जन सुराज पार्टी के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी इस निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फर्जी वोटरों के रजिस्ट्रेशन का आरोप लगाया है। इस संबंध में RJD ने बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक औपचारिक पत्र भेजा है, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच, वोटर लिस्ट से फर्जी नाम हटाने, सस्पेंड किए गए ऑनलाइन पोर्टल को फिर से खोलने और फॉर्म जमा करने की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की गई है।

विपक्षी समर्थकों के फॉर्म रोकने के आरोप

RJD द्वारा भेजे गए आधिकारिक पत्र में सीतामढ़ी जिला प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी का आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी के प्रभाव में डुमरा ब्लॉक के एक कर्मचारी रोहित चौधरी को स्नातक वोटर रजिस्ट्रेशन के काम के लिए सीतामढ़ी जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय में तैनात किया गया था।

RJD का दावा है कि यह कर्मचारी किसी खास पार्टी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए खुलेआम फर्जी वोटरों का रजिस्ट्रेशन कर रहा है, जबकि विपक्षी पार्टियों का समर्थन करने वाले वैध स्नातक वोटरों के रजिस्ट्रेशन फॉर्म जानबूझकर रिजेक्ट किए जा रहे हैं।

राजद ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी

छुट्टियों और हंगामे के कारण रजिस्ट्रेशन का काम बाधित

पत्र में यह भी कहा गया है कि मुजफ्फरपुर में कमिश्नर कार्यालय ने फॉर्म जमा करने की समयसीमा 9 सितंबर 2026 तय की थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों और छुट्टियों के कारण कई दिनों तक काम पूरी तरह से रुका रहा। 3 और 4 सितंबर को फॉर्म स्वीकार नहीं किए गए क्योंकि तिरहुत डिविजनल कमिश्नर छुट्टी पर थे। इसके बाद 5 सितंबर (जन्माष्टमी) और 6 सितंबर (रविवार) को काउंटर बंद रहे।

इसके अलावा 7 सितंबर को एक खास पार्टी के संभावित उम्मीदवार द्वारा कमिश्नर कार्यालय में हंगामा करने के बाद फॉर्म स्वीकार करने की प्रक्रिया पूरी तरह से रोक दी गई, जिससे हजारों योग्य स्नातक वोटर रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए।

RJD ने चुनाव आयोग के सामने रखीं चार मांगें

बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे एक पत्र में RJD ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए चार मुख्य मांगें रखी हैं।

  • पहली मांग: कथित फर्जी मतदाताओं की जांच करें और मतदाता सूची से उनके नाम हटाएं।
  • दूसरी मांग: मतदाता पंजीकरण फॉर्म जमा करने की समयसीमा बढ़ाएं और तिरहुत डिविजनल कमिश्नर के कार्यालय में फॉर्म जमा करने का काउंटर फिर से खोलें।
  • तीसरी मांग:चुनाव आयोग के बंद पोर्टल को फिर से शुरू करें ताकि योग्य स्नातक मतदाता पंजीकरण करा सकें।
  • चौथी मांग: मतदाता सूची की जांच करने और असली स्नातक मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को विशेष पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त करें।
Updated on:
9 Sep 2026, 5:52 PM IST
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