
बिहार की राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ थाने में अवैध मामले को लेकर पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत और पैसे के लेन-देन को लेकर बड़ा एक्शन हुआ है।
दो लोगों को कथित तौर पर अवैध तरीके से हिरासत से छोड़ने और इसके बदले पैसे के लेन-देन के आरोप में थाने के आठ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की शुरुआती जांच में इन सभी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए सभी आठ कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस मामले में कुछ स्थानीय लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
कार्रवाई के बाद पुलिस की ओर से बताया गया है कि थाने में दो व्यक्तियों को नियमों के खिलाफ जाकर छोड़ दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में पैसों का लेन-देन भी हुआ।
शुरुआती जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों को इस मामले में थाने के आठ पुलिसकर्मियों की भूमिका पर संदेह हुआ। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
हालांकि, अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनों व्यक्तियों को किस मामले में हिरासत में लिया गया था और उन्हें किन परिस्थितियों में छोड़ा गया। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों व्यक्तियों को छोड़ने की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों ने किस तरह मदद की और पैसे के लेन-देन में उनकी क्या भूमिका रही।
जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अब कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरे मामले की जांच की जा रही है।