12 साल के निचले स्कर पर भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी पहुंच गई है, आंकड़ा घटकर 17.9% पर आ गया है, विदेशियों ने बेचा तो घरेलू निवेशकों ने खरीदा है।
अमेरीका में मंदी की आशंका और जापानी येन में मजबूती का असर भारत सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ा। लेकिन अब अमरीका में ग्रोथ रेट बढऩे की उम्मीद और बैंक ऑफ जापान के ब्याज दर नहीं बढ़ाने के भरोसे के बाद दुनियाभर के शेयर बाजार तो संभल गए हैं, पर क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में अभी भी गिरावट का दौर जारी है। कॉइन मार्केटकैप के मुताबिक, बिटकॉइन की कीमतें एक सप्ताह में ही 68,000 डॉलर से गिरकर 56,000 डॉलर के नीचे आ गई है। इसकी कीमतें एक में ही करीब 18त्न टूट गई है, जिससे निवेशकों के 220 अरब डॉलर यानी 18.5 लाख करोड़ रुपए डूब गए हैं।
वहीं, दूसरी तरफ अमरीका-जापान सहित तमाम एशियाई और यूरोपीय बाजार में रौनक लौट आई है। ग्लोबल मार्केट में तेजी और निचले स्तरों पर खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी ने बुधवार को 1त्न से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए। घर्लू निवेशकों के दम पर सेंसेक्स 87५ अंक यानी 1.11त्न बढक़र 79,468 पर बंद हुआ। निफ्टी 1.27त्न उछलकर 24,297 पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों ने जमकर निवेश किया, जिससे भारतीय बाजार में शानदार रिकवरी आई।
1 अगस्त 1833 1620
2 अगस्त -3860 2230
5 अगस्त -10,660 9,155
6 अगस्त -4680 3357
7 अगस्त -3315 3801
(राशि करोड़ रुपए में)
1. बैंक ऑफ जापान के डिप्टी गवर्नर ने कहा कि बाजार में उथल-पुथल को देखते हुए बैंक अब ब्याज दरों को नहीं बढ़ाएगा। इससे डॉलर के मुकाबले येन कमजोर हुआ और निवेशकों का भरोसा बढऩे से शेयर बाजारों में तेजी आई।
- अमरीका में आर्थिक वृद्धि अभी भी मजबूत होने की रिपोर्ट आने के बाद मंदी के डर में कमी आई है। अटलांटा फेड के जीडीपीनाउ रिपोर्ट के मुताबिक, विकास दर 2.9त्न की दर से बढ़ रहा है, जो इक्विटी बाजारों के लिए सकारात्मक है।
करेंसी गिरावट
बिटकॉइन 17.5%
इथेरियम -30.1%
बिनांस -20.6%
सोलाना -24.5%
एक्सआरपी -20.4%
डॉजकॉइन -28.7%
कार्डानो -22.9%
टॉनकॉइन -17.5%
(एक हफ्ते में आई गिरावट)
घरेलू निवेशक: जिससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद भारतीय निवेशकों ने शेयरों की खरीदारी जारी रखी, जिससे बाजार को बूस्ट मिला। भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 12 साल के न्यूनतम स्तर 17.38त्न पर आ गई है।