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एस. जयशंकर के सामने बगावत? मंच छोड़कर क्यों भागीं उम्मीदवार श्रीलेखा? जानें असली वजह

S Jaishankar Rally: नाम न लेने पर नाराज हुईं वट्टियूरकावु की भाजपा उम्मीदवार आर. श्रीलेखा; जयशंकर की रैली में तनाव, पड़ोसी क्षेत्र के उम्मीदवार का जिक्र बिगाड़ा मामला, नेताओं के समझाने पर लौटीं मंच पर।

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भाजपा उम्मीदवार श्रीलेखा

Kerala Assembly Elections: केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा को एक अजीबोगरीब घटना का सामना करना पड़ा। केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर की चुनावी रैली में पार्टी की उम्मीदवार आर. श्रीलेखा मंच छोड़कर चली गईं। यह घटना सोमवार को तिरुवनंतपुरम में हुई, जब जयशंकर वट्टियूरकावु विधानसभा क्षेत्र की भाजपा उम्मीदवार श्रीलेखा की मौजूदगी में संबोधन दे रहे थे।

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जयशंकर ने भाषण के दौरान नहीं किया था श्रीलेखा का नाम

आर. श्रीलेखा पूर्व आईपीएस अधिकारी और तिरुवनंतपुरम की पूर्व पार्षद हैं। उन्होंने जयशंकर के भाषण के दौरान नाराजगी जताई क्योंकि मंत्री ने अपने संबोधन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का नाम लिया, पड़ोसी क्षेत्र के उम्मीदवार का जिक्र किया, लेकिन स्थानीय उम्मीदवार श्रीलेखा का नाम तक नहीं लिया। इससे आहत होकर श्रीलेखा मंच से उतरकर चली गईं।

नजरअंदाज किए जाने से हुई नाराज

पार्टी सूत्रों के अनुसार, श्रीलेखा की मुख्य आपत्ति इस बात पर थी कि वे खुद उस क्षेत्र की उम्मीदवार हैं, फिर भी उन्हें नजरअंदाज किया गया। मंच छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी नाराजगी प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और तिरुवनंतपुरम के मेयर वी.वी. राजेश के सामने जाहिर की। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता जी. सोमन से भी इस मुद्दे पर तीखी बातचीत की।

वरिष्ठ नेताओं ने तुरंत किया हस्तक्षेप

घटना से रैली में थोड़ी देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने तुरंत हस्तक्षेप किया और काफी समझाने-बुझाने के बाद श्रीलेखा को दोबारा मंच पर लाया गया। इसके बाद कार्यक्रम सामान्य रूप से आगे बढ़ा।

केरल में 9 अप्रैल को होगा चुनाव

यह घटना केरल विधानसभा चुनाव 2026 के ठीक पहले हुई है, जहां 9 अप्रैल को मतदान होना है। वट्टियूरकावु सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है। श्रीलेखा यहां भाजपा की उम्मीदवार हैं, जबकि कांग्रेस के के. मुरलीधरण और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वी.के. प्रशांत उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं।

श्रीलेखा के मंच छोड़ने की घटना को पार्टी के अंदरूनी असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि भाजपा ने इसे छोटी घटना बताते हुए कहा कि वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से मामला सुलझ गया। केरल में भाजपा लंबे समय से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और यूडीएफ के बीच सत्ता के द्वंद्व को तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऐसे प्रसंग पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े करते हैं।

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Published on:
06 Apr 2026 10:51 pm
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