10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के दौरान वरिष्ठ नेता ने दिया इस्तीफा, असम चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका

Congress Senior leader Surya Kanta Sarkar Resigned: चुनाव प्रचार के दौरान असम में कांग्रेस इकाई को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सूर्य कांत सरकार ने सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

2 min read
Google source verification
Senior Leader Resigns Congress

वरिष्ठ नेता सूर्य कांत सरकार

Congress Leader Quits Assam: असम कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में बड़ा झटका लगा है। सोमवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता और 2024 लोकसभा चुनाव में सिलचर सीट से पार्टी के उम्मीदवार रहे सूर्यकांत सरकार ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा ठीक उसी दिन आया जब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कछार जिले में बोरखोला में एक बड़ी रैली को संबोधित कर रहे थे।

खरगे की रैली के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने इस्तीफा दिया

सूर्यकांत सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष को संबोधित अपने इस्तीफा पत्र में लिखा कि वे भारी मन से यह कदम उठा रहे हैं। उन्होंने असम में पार्टी के आंतरिक कामकाज और नेतृत्व से गहरी नाराजगी जताई। सरकार ने आरोप लगाया कि संगठनात्मक मुद्दों को बार-बार उठाने के बावजूद पार्टी की राज्य इकाई ने कोई ठोस प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनके ईमानदार समर्पण और निरंतर प्रयासों के बावजूद नेतृत्व ने उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया।

पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप

पत्र में सरकार ने कुछ पदाधिकारियों में जवाबदेही की कमी का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि कभी-कभी ऐसा लगता है कि उनकी अनुसूचित जाति पृष्ठभूमि के कारण उनके मुद्दों को नजरअंदाज किया गया। बराक घाटी में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि संगठनात्मक नियुक्तियां और महत्वपूर्ण फैसले योग्यता व जमीनी योगदान के बजाय अन्य कारकों से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि समितियों के चयन और चुनावी सिफारिशों में सच्चे कार्यकर्ताओं के मेहनत को हमेशा महत्व नहीं दिया जाता।

सूर्यकांत सरकार ने स्पष्ट लिखा, 'इन परिस्थितियों को देखते हुए अब पार्टी से जुड़े रहना मेरे लिए मुश्किल हो गया है।' उन्होंने इस्तीफा देते हुए अपने समर्थकों और मतदाताओं का आभार जताया और कहा कि उनकी विश्वास और प्रोत्साहन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। उन्होंने सार्वजनिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

राजनीतिक गलियारों में इस इस्तीफे को कांग्रेस के लिए शर्मनाक घटना माना जा रहा है। खड़गे की रैली के दौरान इस्तीफा आने से पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं। असम विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में यह घटना कांग्रेस की असम इकाई के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।