Chandigarh municipal elections 2024: चंडीगढ़ में सोमवार को हुए नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी को झटका देते हुए दोनों सीटों ही पर अपना कब्जा जमाया है।
चंडीगढ़ में सोमवार को हुए नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी को झटका देते हुए दोनों सीटों ही पर अपना कब्जा जमाया है। नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर की पोस्ट के लिए बीजेपी के उम्मीदवार कुलजीत संधू ने यह चुनाव 19 वोट हासिल करके जीत लिया। वहीं, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन उम्मीदवार को मात्र 16 वोट ही मिल पाया और उसमें भी एक वोट अवैध घोषित हो गया। वहीं, डिप्टी मेयर के चुनाव में भी बीजेपी के राजिंदर शर्मा ने जीत दर्ज की। इस तरह से भाजपा ने आप से मेयर चुनाव में मिली शिक्सत का बदला ले लिया। वहीं, आम आदमी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के हारने पर हैरानी जताई।
क्रॉस वोटिंग किसने की इसका पता नहीं चल पाया
दरअसल, सोमवार को जब सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव में भाजपा के पास कुल 17 वोट थे और सांसद किरण खेर भी सदस्य के नाते वोटर थीं। इस तरह पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में कुल 18 वोट थे। जब वोटिंग हुई और उसेके नतीजे आए तो उसमें बीजेपी कैंडिडेट को 19 वोट मिला। इससे साफ है कि सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई । लेकिन अब तक यह साफ नहीं है कि भाजपा प्रत्याशी को खेमे के पार्षदों के अलावा किस अन्य पार्षद का वोट मिला है।
मेयर चुनाव में हुई थी बीजेपी की किरकिरी
बता दें कि इससे पहले चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में भाजपा कैंडिडेट मनोज सोनकर को जीता घोषित किया गया था, लेकिन आप ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। जिसके बाद कोर्ट के दखल से आम आदमी पार्टी के कुलदीप कुमार टीटा को मेयर घोषित किया गया। अदालत ने माना था कि चुनाव में धांधली हुई है और चुनाव अधिकारी अनिल मसीह के खिलाफ इसके लिए केस चलना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने तय की चुनाव की तारीख
इससे पहले चंडीगढ़ नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए 27 फरवरी की तारीख तय थी। लेकिन मेयर कुलदीप कुमार का कहना था कि उनकी बहन बीमार है, जिसे देखने के लिए वह जा रहे हैं। ऐसे में वह चुनाव कराने के लिए उपलब्ध नहीं करेंगे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में दखल देते हुए चुनाव के लिए 4 मार्च की डेट फिक्स की थी।