Boeing Started Apache Production : चीन और पाकिस्तान से एक साथ निपटने के लिए भारत ने अपना रक्षा घेरा लगातार बढ़ा रहा है। भारतीय सेना के लिए अपाचे हेलीकॉप्टर का भी बुधवार को निर्माण शुरू हो गया है। ये 6 हेलीकॉप्टर अमरीका के रीजोना प्रांत मेसा में बनाए जा रहे है।
Boeing Started Apache Production : चीन और पाकिस्तान से एक साथ निपटने के लिए भारत ने अपना रक्षा घेरा लगातार बढ़ा रहा है। कश्मीर में पहले मिग 29 लड़ाकू विमान की तैनाती की फिर उत्तर में ही हेरोन मॉर्क 2 ड्रोन भी तैनात कर दिया है। अब भारतीय सेना के लिए अपाचे हेलीकॉप्टर का भी बुधवार को निर्माण शुरू हो गया है। भारतीय सेना के लिए बनाया जा रहे ये 6 हेलीकॉप्टर अमरीका के रीजोना प्रांत मेसा में बनाए जा रहे है। इनकी आपूर्ति 2024 में कर दी जाएगी। 2020 में भारतीय वायु सेना को 22 अपाचे की आपूर्ति के बाद भारतीय सेना के लिए छह अपाचे एएच-64ई निर्माण के लिए समझौता किया गया था।
बोइंग भारत के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने कहा भारत के साथ रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। हम इसे हासिल कर खुश है। अपाचे एएच-64ई हेलीकॉप्टर बेहतर और अत्याधुनिक तकनीक से युक्त हेलीकॉप्टर है। यह भारतीय सेना की परिचालन क्षमता और प्रभावशीलता को नई उंचाई देगा। भारतीय सेना की रक्षात्मक क्षमताओं को यह काफी बढ़ा देगा। अपाचे हेलीकॉप्टर कार्यक्रम की उपाध्यक्ष क्रिस्टीना उपाह ने कहा कि हेलीकॉप्टर में अद्वितीय मारक क्षमता है और भारतीय सेना को यह तकनीक देने के लिए हम उत्साहित हैं। गौरतलब है टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड ने इसी साल अपाचे हेलीकॉप्टर का मुख्य धड़ा निर्मित किया था।
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IAF को मिल चुके हैं 22 हेलीकॉप्टर
भारतीय वायु सेना को 2019 में ही आठ अपाचे हेलीकॉप्टर मिल चुके हैं। इन सभी पठानकोट के एयरबेस पर भारतीय वायुसेना में शामिल कर लिया गया था। इसके बाद बाकी बचे हेलीकॉप्टर भी 2020 तक आ गए। इन्हें अभी उत्तर और पश्चिम में तैनात किया गया है। यह हेलीकॉप्टर एमआई 35 का स्थान लेंगे। अपाचे हेलीकॉप्टर मल्टीरोल हेलीकॉप्टर हैं। इसी वजह से यह बहुत ही मारक हो जाते हैं।
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ये हैं अपाचे की विशेषताएं
हवा से जमीन में मार करने वाली हेलफायर मिसाइल है
हवा से हवा में मार करने वाली स्टिंगर मिसाइल है
17 एमएम हाइड्रा रॉकेट लगाई गई है।
1200 राउंड के साथ 30 एमएम चेकगन है।
हेलीकॉप्टर फायर कंट्रोल रडार है।
360 डिग्री का कवरेज प्रदान करता है।
नाइट विजन प्रणाली भी लगाई गई है।
इसे उड़ाने के लिए दो पायलट जरूरी होते हैं।
इसके पंखे 16 फीट ऊंचे और 18 फीट चौड़े होते हैं।
इसकी अधिकतम गति 280 किलोमीटर प्रति घंटा है।
एंटी राडार डिजायन से लैस है।
16 एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने की क्षमता है।
रात में उड़ान भरने की भी क्षमता है।
पौने तीन घंटे की लगातार उड़ान में सक्षम है।