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अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक फैले पुद्दुचेरी का फैसला करेंगे 9.44 लाख वोटर, सुबह 7 बजे से होगा मतदान

केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। क्या कहते हैं चुनावी समीकरण, आइए समझते हैं…

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भारत

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Vinay Shakya

Apr 09, 2026

Elections

सांकेतिक इमेज

Puducherry Assembly Election 2026: अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक फैले केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी में की 30 विधानसभा सीटों पर गुरुवार यानी 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा। राज्य में मतदान की प्रक्रिया सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। पुद्दुचेरी की सभी सीटों पर एक ही चरण में वोटिंग होगी।

9.44 लाख मतदाता लिखेंगे 294 प्रत्याशियों का भविष्य

पुद्दुचेरी में कुल 9.44 लाख मतदाता हैं। इनमें करीब 5 लाख महिलाएं और 4.43 लाख पुरुष हैं। यहां 294 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। आज राज्य की सभी सीटों पर मतदान होगा और 4 मई को मतगणना होगी। पुद्दुचेरी में मौजूदा समय में NDA गठबंधन सत्ता में है। यहां मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी, जिन्हें 'पुदुचेरी के पापा' के नाम से जानते हैं। रंगास्वामी पुद्दुचेरी की कुर्सी पर चौथी बार बैठने की कोशिश में लगे हैं। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस आस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।

जानें चुनावी समीकरण

NDA गठबंधन में AINRC 16, बीजेपी 10, AIADMK और LJP 2-2 सीटों पर चुनावी मैदान में हैं। पिछली बार 2021 के चुनाव में NDA ने 16 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। विपक्ष में कांग्रेस और DMK का गठबंधन है। कांग्रेस 16-17 सीटों और DMK 13 सीटों पर अपना दमखम आजमा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वी. वैथिलिंगम और वी. नारायणसामी कांग्रेस की कमान संभाल रहे हैं। कांग्रेस के लिए यह चुनाव अस्तित्व की लड़ाई मानी जा रही है।

थट्टानचावडी सीट पर कांटे की टक्कर

सबसे दिलचस्प मुकाबला थट्टानचावडी सीट पर है। इस सीट पर मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी का सीधा सामना कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री वी. वैथिलिंगम से होगा। यह हाई-प्रोफाइल मुकाबला पूरे चुनाव का फोकस बना हुआ है। इसके अलावा, अभिनेता विजय की पार्टी TVK 28 सीटों पर लड़कर त्रिकोणीय लड़ाई बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, 117 निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं, जो समीकरण बिगाड़ सकते हैं।

क्या कहते हैं विश्लेषक?

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि NDA को सत्ता बचाने के साथ-साथ दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने का सुनहरा मौका मिला है। वहीं, कांग्रेस-DMK गठबंधन सत्ता में वापसी की राह देख रहा है। चुनाव में पुद्दुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का मुद्दा, स्थानीय विकास, रोजगार, पर्यटन और जल संकट जैसे मुद्दे हावी हैं। पुदुचेरी की जनता इस बार किस गठबंधन को अपना विश्वास देती है, यह 4 मई को साफ हो जाएगा। छोटे केंद्र शासित प्रदेश का यह चुनाव राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकता है।