जम्मू-कश्मीर के सांबा ज़िले के एक गांव में आज बम धमाके का मामला सामने आया है। मामले की जांच शुरू हो गई है।
जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आज, सोमवार, 23 मार्च को एक बम धमाके का मामला सामने आया है। सांबा (Samba) ज़िले के एक गांव में यह बम धमाका हुआ। बताया जा रहा है कि तड़के सुबह करीब 2 बजे घगवाल सेक्टर के गवाला तालाब (Gawala Talab) गांव में सरपंच जय राम शर्मा के घर के बाहर बम धमाका हुआ, जिससे हड़कंप मच गया। बम धमाके में घर का गेट और कंपाउंड की दीवार पूरी तरह से टूट गई।
जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के घगवाल सेक्टर के गवाला तालाब गांव में आज हुए इस बम धमाके में कोई हताहत नहीं हुआ है, जिसकी जानकारी लोकल अधिकारियों ने दी। धमाके की वजह से किसी को चोट भी नहीं आई है।
गवाला तालाब गांव भारत और पाकिस्तान की इंटरनेशनल बॉर्डर के पास है। अधिकारियों ने बताया कि इस गवाला तालाब गांव इंटरनेशनल बॉर्डर से करीब 10 किलोमीटर दूर है। इस वजह से यह आशंका जताई जा रही है कि बम धमाके के पीछे पाकिस्तान कनेक्शन हो सकता है। फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बम धमाके के बाद पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीमें गवाला तालाब गांव पहुंचीं और धमाके की जगह से सैंपल लिए ताकि धमाके की असली वजह का पता लगाया जा सके। इस घटना के बारे में संबंधित पुलिस स्टेशन में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इंटरनेशनल बॉर्डर पर बीएसएफ एक्टिव
इंटरनेशनल बॉर्डर की रखवाली बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स - बीएसएफ (Border Security Force - BSF) करती है। बीएसएफ के जवान बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ से होने वाली घुसपैठ, बाहर निकलने, ड्रग्स की तस्करी और ड्रोन से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए तैनात रहते हैं। आतंकी संगठनों ने कई बार पाकिस्तान की सेना की मदद से ड्रोन का इस्तेमाल करके भारतीय सीमा में हथियार/गोला-बारूद, कैश और ड्रग्स गिराए हैं। ये सामान आमतौर पर आतंकी संगठनों के ओवर-ग्राउंड वर्कर्स उठाते हैं और फिर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जारी रखने के लिए आतंकियों को सौंप देते हैं। बीएसएफ ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर हाई-टेक एंटी-ड्रोन उपकरण लगाए हैं जिससे बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ से आने वाले ड्रोन के खतरे को रोका जा सके।