
BRICS Business Forum: नई दिल्ली में शुक्रवार को होने वाली BRICS Business Forum की बैठक सिर्फ कूटनीतिक चर्चा तक सीमित नहीं रहने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान चीन, यूएई, रूस, ब्राजील और अन्य देशों की बड़ी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। Huawei, Alibaba, Emirates और CNPC जैसे नामों की मौजूदगी ने इस कारोबारी सम्मेलन का महत्व बढ़ा दिया है। करीब 1,000 प्रतिनिधियों की भागीदारी के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर अहम संदेश सामने आने की उम्मीद है।
शुक्रवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BRICS Business Forum की लीडर्स सेशन को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में चीन की Huawei Technologies और Alibaba Group के साथ-साथ चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (CNPC), इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ़ चाइना (ICBC), फ़र्स्ट अबू धाबी बैंक, एमिरेट्स एयरलाइन, एतिहाद एयरवेज और ब्राजील की एम्ब्राएर जैसी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।
पूरे दिन चलने वाली बैठकों का केंद्रीय विषय “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” है। चर्चा का दायरा कृषि सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था और टिकाऊ विकास जैसे क्षेत्रों तक फैलेगा।
बैठक की शुरुआत केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के संबोधन से होने की संभावना है। इसके बाद मोदी का संबोधन कारोबारी समुदाय और BRICS देशों के प्रतिनिधियों के लिए खास आकर्षण रहेगा।
इस आयोजन में चीन की कंपनियों की मौजूदगी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। CNPC के चेयरमैन Houliang Dai, ICBC के चेयरमैन Lin Liao और China COSCO Shipping Corporation के चेयरमैन Min Wan प्रमुख चीनी प्रतिनिधियों में शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा एम्ब्राएर के अध्यक्ष एवं सीईओ फ्रांसिस्को गोम्स नेटो, वैले के सीईओ गुस्तावो पिमेंटा, नस्पेर्स की सीईओ फुथी महानयेले-दबेंग्वा, रूसी रेलवे के सीईओ ओलेग बेलोज़ेरोव और सबेरबंक के प्रथम उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर वेद्याखिन जैसे कारोबारी दिग्गज भी कार्यक्रम में नजर आ सकते हैं।
BRICS-Plus में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई शामिल हैं। इन अर्थव्यवस्थाओं का वैश्विक व्यापार में लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा बताया जाता है। ऐसे में समूह के मंच पर होने वाली कारोबारी बातचीत का असर केवल सदस्य देशों तक सीमित नहीं माना जा रहा।
भारत की अध्यक्षता में इस साल करीब 25 शहरों में विभिन्न ट्रैक पर लगभग 350 बैठकें आयोजित की गईं। अगस्त में जयपुर में उद्योग और व्यापार से जुड़ी मंत्रिस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता पीयूष गोयल ने की थी।
उद्योग जगत की प्रमुख अपेक्षा यह है कि BRICS सदस्य देशों के लिए अधिक मजबूत और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला तैयार करने में नेतृत्व करे। वैश्विक व्यापार में बढ़ते तनाव और व्यापारिक प्रतिबंधों के बीच कंपनियां वैकल्पिक बाजारों और स्थिर सप्लाई नेटवर्क की तलाश कर रही हैं।
वित्तीय मोर्चे पर भी तैयारी तेज है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मुंबई में ब्रिक्स वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर की अंतिम बैठक कर रही हैं। इससे पहले 12 अगस्त को जयपुर में पहली बैठक हुई थी, जिसमें समावेशी, टिकाऊ और लचीली आर्थिक वृद्धि के लिए सामूहिक सहयोग पर जोर दिया गया था।