
शुभेंदु अधिकारी (फोटो सोर्स- ANI)
Padma Shri Singer Purna Das: पद्मश्री से सम्मानित मशहूर गायक पूर्ण दास बाउल ने अपनी जमीन से जुड़े कथित विवाद को लेकर पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार का रुख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीरभूम जिले में उनकी खेती की जमीन पर प्रभावशाली लोगों ने कथित तौर पर कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि पुलिस से शिकायत करने के बावजूद अब तक उन्हें अपनी जमीन वापस नहीं मिल सकी है।
पूर्ण दास बाउल के मुताबिक, इलामबाजार इलाके में स्थित उनकी कृषि भूमि पर वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान कब्जे की स्थिति पैदा हुई। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने पुलिस से कई बार संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। पद्मश्री गायक का कहना है कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उनके साथ भी इस तरह की स्थिति पैदा हो सकती है। जनता दरबार में उन्होंने अपनी समस्या सुवेंदु अधिकारी के सामने रखी और मामले में हस्तक्षेप की उम्मीद जताई।
हालांकि पूर्ण दास बाउल ने खुद किसी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक तौर पर नहीं लिया। इस दौरान उनके बेटे ने कथित तौर पर पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल की ओर इशारा किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या शिकायत में उनका ही संदर्भ है, तो बेटे ने सहमति में प्रतिक्रिया दी। हालांकि इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसी जनता दरबार के दौरान एक और मामला चर्चा में रहा। नदिया निवासी सोमनाथ मालो ने परिवार के गुजर-बसर के लिए नौकरी की मांग रखी। मालो वर्ष 2002 में दक्षिण कोरिया में आयोजित पैरालंपिक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
मालो के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 26 हजार नियुक्तियों को रद्द किए जाने के बाद नौकरी गंवाने वालों में उनका नाम भी शामिल बताया गया है।
सोमनाथ मालो ने कहा कि खेल के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने के बावजूद आज उन्हें परिवार चलाने के लिए रोजगार की जरूरत है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा उनकी उपलब्धि की सराहना किए जाने का भी जिक्र किया।
मालो ने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार के कार्यकाल में हुई कथित भर्ती अनियमितताओं का असर उनकी नौकरी पर पड़ा। अब उन्हें उम्मीद है कि नई सरकार उनकी स्थिति को समझेगी और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाएगी।
जनता दरबार में सामने आए दोनों मामले पश्चिम बंगाल में आम लोगों और चर्चित हस्तियों की प्रशासनिक समस्याओं को लेकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गए हैं। एक तरफ पद्मश्री कलाकार ने जमीन से जुड़े कथित विवाद में न्याय की मांग की, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर चुके खिलाड़ी ने रोजगार के लिए मदद की गुहार लगाई।
Updated on:
10 Sept 2026 08:57 am
Published on:
10 Sept 2026 08:57 am
